हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। ईडी के द्वारा जारी प्रेस नोट पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति व्यक्त किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी ने जो प्रेस नोट जारी किया है उससे स्पष्ट हो रहा है कि ईडी का उद्देश्य कांग्रेस की छवि खराब करना है। ईडी बिना किसी प्रमाण के कांग्रेस के नाम का उल्लेख कर भाजपा के राजनैतिक उद्देश्यों को पूरा करने के काम में लगी है, जिन कथित आरोपों को अदालत के सामने रखना है, जिन आरोपों के यदि सबूत है उसे अदालत में सिद्ध करना है, उसे बिना अदालत में सिद्ध किये मीडिया के माध्यम से जनता के बीच में पहुंचाने का मतलब साफ है कि ईडी केवल और केवल राजनैतिक एजेंडे को लेकर कार्यवाही कर रही है। ईडी की कार्यवाही भाजपा के राजनैतिक बदला निकालने की साजिश का हिस्सा है। कांग्रेस नेता रामगोपाल की गिरफ्तारी भी ईडी और भाजपा की साजिशों का परिणाम है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस का सीधा राजनैतिक मुकाबला नहीं कर पा रही तो वह ईडी को आगे कर के अपने मंतव्य पूरा करना चाहती है। जैसे भाजपा का मोर्चा संगठन, भाजपा युवा मोर्चा है, भारतीय जनता महिला मोर्चा, किसान मोर्चा है वैसे ही ईडी भी अब भारतीय जनता ईडी मोर्चा, आईटी, भारतीय जनता आईटी मोर्चा, सीबीआई, भारतीय जनता सीबीआई मोर्चा बन चुकी है। यह बात छत्तीसगढ़ का एक-एक नागरिक देख रहा है कि कांग्रेस की राजनैतिक गतिविधियां रोकने भाजपा ईडी के साथ साजिश कर रही है। भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरूपयोग कर कांग्रेस की छवि खराब करने का षड़यंत्र रच रही है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पिछले कुछ साल में 3010 छापे ईडी में मारे है। 95 प्रतिशत छापे विपक्ष पर ईडी में मारे मीडिया जब मोदी सरकार के खिलाफ छापती है, तो ईडी छापा मारती है। 2014 से ईडी के जाल में विपक्ष के पार्टीवार लिस्ट पर गौर करें अब तक ईडी ने विपक्षी दलों के यहां इस प्रकार से छापेमारी की। कांग्रेस (24), टीएमसी (19), एनसीपी (11), शिवसेना (8), डीएमके (6), बीजद (6), राजद (5) बीएसपी (5), एसपी (5), टीडीपी (5), इनेलो (3), वाईएसआरसीपी (3), सीपीएम (2), एनसी (2), पीडीपी (2), इंडस्ट्रीज़ (2), AIADMK (1), MNS(1), SBSP (1)। एक भी भाजपा नेता के यहां छापेमारी क्यों नहीं की गई? ईडी द्वारा जब्त किये गये रकम में 5 प्रतिशत भी राजनैतिक लोगों का नहीं लेकिन ईडी द्वारा मारे गये 95 प्रतिशत छापे राजनैतिक है इसका मतलब साफ है ईडी के छापे राजनैतिक बदला निकालने के लिये है।



