दुर्ग बस स्टैंड से 16 बच्चे रेस्क्यू, बाल तस्करी की आशंका में एक संदिग्ध हिरासत में…
हरियर एक्सप्रेस, दुर्ग। बाल श्रम और बच्चों की तस्करी की आशंका के बीच दुर्ग में बुधवार रात बड़ी कार्रवाई की गई। राज्य बाल आयोग से मिली सूचना के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) और पद्मनाभपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्ग बस स्टैंड पर एक यात्री बस से 16 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इनमें 7 बच्चे नाबालिग और 9 बालिग पाए गए हैं। मामले में बच्चों को लेने पहुंचे एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

सूचना मिलते ही हरकत में आई टीम
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जिला परियोजना समन्वयक चंद्रप्रकाश पटेल ने बताया कि बुधवार शाम सूचना मिली थी कि रायपुर से दुर्ग आ रही एक बस में 10 से अधिक बच्चों को काम के लिए लाया जा रहा है। सूचना के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन, एसजेपीयू और पुलिस की संयुक्त टीम दुर्ग बस स्टैंड पहुंची और बस का इंतजार किया।
रात करीब 8:30 बजे बस के पहुंचते ही टीम ने जांच की, जिसमें 16 बच्चे मिले। सभी बच्चों को सुरक्षित बस से उतारकर चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय ले जाया गया, जहां उनकी पहचान, दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की गई।
काम दिलाने के नाम पर लाए गए थे बच्चे
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि सभी बच्चे कबीरधाम जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें पहले रायपुर में काम दिलाने की बात कही गई थी, जिसके बाद उन्हें दुर्ग भेजा गया। कुछ बच्चों ने यह भी बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश ले जाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था।

कुछ बच्चों ने मशरूम फैक्ट्री में काम कराने की जानकारी भी दी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उन्हें दुर्ग में ही काम कराया जाना था या किसी अन्य राज्य भेजने की तैयारी थी।
सुबह से भूखे-प्यासे थे बच्चे
रेस्क्यू किए गए सभी बच्चे सुबह से भूखे-प्यासे थे। उन्हें सबसे पहले भोजन कराया गया, जिसके बाद नाबालिग बच्चों को सुरक्षित आश्रय गृह भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार प्रत्येक बच्चे की अलग-अलग काउंसलिंग और विस्तृत पूछताछ की जाएगी, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
एक संदिग्ध हिरासत में
जांच में 16 बच्चों में से 7 नाबालिग पाए गए। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अजय कुमार साहू ने बताया कि बस स्टैंड पर बच्चों को लेने पहुंचे एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उसकी भूमिका ठेकेदार या नियोक्ता के रूप में होने की आशंका है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
आज बाल कल्याण समिति के समक्ष होंगे पेश
अधिकारियों के अनुसार गुरुवार को सभी नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समिति के निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और संबंधित विभाग यह भी जांच कर रहे हैं कि बच्चों को किसने भेजा, उनका अंतिम गंतव्य क्या था और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं। यदि जांच में बाल श्रम या मानव तस्करी से जुड़े किसी संगठित नेटवर्क के साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



