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हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। गर्मी के चलते स्कूलों में बच्चों की तबियत बिगड़ने के लिए शिक्षा मंत्री को दोषी ठहराते हुये प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की 16 जून को स्कूल खोलने की जिद्द छोटे-छोटे मासूम बच्चों पर भारी पड़ रही है। बच्चे एवं पालक मजबूरी एवं दबाव में बच्चों को स्कूल भेजे। स्कूल के पहले दिन ही प्रार्थना में बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी। शिक्षक भी परेशान है। प्रदेश में पालक एवं कांग्रेस ने गर्मी को देखते हुए 1 जुलाई से स्कूल खोलने की मांग की थी, लेकिन एयरकंडीशन दफ्तर में बैठकर शिक्षा मंत्री को गर्मी की तपिश का एहसास नहीं हुआ। 16 जून को स्कूल खोलकर बच्चों की स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया। स्कूलों में न पंखा है, न कूलर है, न पानी की पीने की व्यवस्था है। पुस्तक, स्कूल ड्रेस भी नहीं पहुँचा है, ऐसे में स्कूल खोलने की क्या हड़बड़ी थी?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि शिक्षा मंत्री को पालकों एवं बच्चों की मांग को सुनना चाहिये। स्कूल को 1 जुलाई तक स्थगित करना चाहिये। बच्चों को ऑनलाईन पढ़ाई करवाना चाहिए। कोविड कॉल में लंबे समय तक स्कूल बंद रहा, उस दौरान ऑनलाईन पढ़ाई हो रही थी। परीक्षा भी संपन्न हुए, उसके बेहतर परिणाम आये थे। ऐसे में शिक्षा मंत्री हठधर्मिता छोड़े एवं तत्काल स्कूल को 1 जुलाई तक बंद करे। ये बच्चों के स्वास्थ्य के हित में होगा।




