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स्कूल, कॉलेजों में शुल्क वृद्धि तत्काल वापस ले सरकार – कांग्रेस

स्कूल, कॉलेजों में शुल्क वृद्धि तत्काल वापस ले सरकार – कांग्रेस

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हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए सरकारी स्कूलों और कॉलेज, विश्वविद्यालयों के शुल्कों में भारी वृद्धि का विरोध करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को कमाई का जरिया बनाना चाहती है, जिससे लाखों गरीब मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा प्राप्त करने का अवसर खत्म हो रहा है। रविशंकर विश्वविद्यालय में परीक्षा और नामांकन फीस 46 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं और अब हर साल 5 प्रतिशत शुल्क वृद्धि का छात्र विरोधी निर्णय इस सरकार ने लिया है। निजी स्कूल कॉलेज पहले से ही इस सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं, अब सरकारी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों से भी यह सरकार अनुचित वसूली करना चाह रही है, दरअसल भाजपा की सरकार चाहती ही नहीं कि गरीब बच्चा पढ़ लिख पाए।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में जब से भाजपा की सरकार आयी है, हर विभाग को वसूली गिरोह की तर्ज पर चलाने का कुत्सित प्रयास जारी है। विगत दिनों सरकारी स्कूल और बोर्ड परीक्षा फीस में बढ़ोत्तरी की गई, माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा फीस में बड़ा इजाफा किया गया, नियमित परीक्षा शुल्क 280 रुपये से बढ़ाकर 480 रु., मार्कशीट फीस 100 से 200 रुपए और प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षा फीस 80 से बढ़ाकर 120 रूपय प्रति विषय कर दी गई। यही नहीं सरकारी स्कूलों में ट्यूशन और विकास शुल्क का अतिरिक्त बोझ भी छात्रों पर डाला गया है। विभिन्न गतिविधियों और निधियों (जैसे खेल, विज्ञान, निर्धन छात्र सहायता) के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है, इस सरकार की दुर्भावना से छात्रों पर कुल वार्षिक बोझ कई गुना बढ़ गया है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह सरकार सीधे तौर पर अपने संवैधानिक दायित्वों से पीछे हट कर छात्रों की जेब में डकैत डाल रही है। सत्ता के संरक्षण में शिक्षा के मंदिर में भी लूट मचाया जा रहा है, फीस विनियामक आयोग अपनी जिम्मेदारी निभाने में अक्षम साबित हो गया है। बिना प्रभावित वर्गों से चर्चा, सलाह और सुझाव के मनमाने तरीके से फीस बढ़ाया जाना अनुचित है, अन्यायपूर्ण है। स्कूल कॉलेजों की शुल्क वृद्धि का अव्यवहारिक फैसला तत्काल वापस ले सरकार।

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