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हरियर एक्सप्रेस, दुर्ग। दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में हनीट्रैप के जरिए रचे गए अपहरण के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि साजिश का मास्टरमाइंड पीड़ित परिवार का ही भांजा निकला। पुलिस ने महिला समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अपहृत नाबालिग बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनी संकट चंद्रा के अनुसार, 12 अप्रैल को प्रार्थी ने अमलेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके नाबालिग बेटे को मोटरसाइकिल बनवाने के बहाने तिरंगा चौक बुलाया गया, जहां अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। घटना के बाद आरोपियों ने मोबाइल के जरिए धमकी भी दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर सेल और एसीसीयू के साथ संयुक्त टीम बनाकर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की लोकेशन धमतरी जिले में ट्रेस की गई। इसके बाद दुर्ग और धमतरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और बालक को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी संजय साहू ने हेम पुष्पा साहू के साथ मिलकर हनीट्रैप की साजिश रची थी। योजना के तहत बालक को झांसे में लेकर अपहरण किया गया और फिरौती वसूलने की तैयारी थी।
पुलिस ने इस मामले में शैलेन्द्र लहरे, कृष्णा साहू उर्फ करण, रविंद्र लहरे, संजय साहू और हेम पुष्पा साहू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक सेंट्रो कार और 6 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और अनजान लोगों से संपर्क के दौरान सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।



