पंकज शर्मा ने भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास के विरूद्व सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिये नोटिस किया जारी…
हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। छ.ग. प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा ने भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास द्वारा नकटी गांव के प्रताडितों को लेकर किये जा रहें भ्रामक प्रचार एवं फेक विडीयो जारी करने पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिये अपने अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस जारी किया है।

उन्होने अपनी नोटिस में गौरीषंकर श्रीवास की टिप्पणी को झूठा एवं तथ्यों से परे बताते हुये लिखा है कि भाजपा प्रवक्ता ने अपने फेसबुक अकाउंट ‘‘गौरीशंकर श्रीवास सी.जी’’ पर एक विडियों इस शीर्षक के साथ प्रसारित किया कि ‘‘ नकटी गांव में अतिक्रमण के लिये कांग्रेसियों ने उकसाया था, सत्यनारायण शर्मा के बेटे पंकज शर्मा का विडीयो एक्सपोज ’’।
पंकज शर्मा ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद एवं झूठा बताते हुये कहा कि नकटी गांव में लगभग 30-35 वर्षो से निवासरत 85 परिवारों के खुद के गांव में स्थित जमीन में बने घरों को भरी बरसात में तोड़कर उन्हें बेघर करने के बाद सरकार चारो तरफ से घिर चुकी है। सरकार जवाब देने की स्थिति में नहीं है कि उनके घरों को क्यों तोड़ा गया। इन पीड़ितों की लड़ाई कांग्रेस द्वारा लडने से सरकार पूरी तरह से निरूत्तर हो चुकी है। अब इनकी चौतरफा निंदा हो रही है। सरकार अपने प्रवक्ता के माध्यम से दिग्गभ्रमित करने वाले षडयंत्र रच रही है।

एैसा ही मेरा एक पुराना विडीयों जारी कर मेरे उपर अर्नगल बयान जारी करने का षडयंत्र रचा गया। मेरा उक्त विडीयों कोराना काल का है तथा उस समय रायपुर ग्रामीण के विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा जी थे। नकटी गांव धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में आता है न कि रायपुर ग्रामीण विधानसभा में। उक्त विडीयों में दिख रहें रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बीरगांव के डेरहापारा में रहने वाले लोग अपने पार्षद दिलदार कुमरे के साथ मुझसे मिलने आये थे उनके साथ मैं संवाद कर समझाईष दे रहा था। कोराना काल के इस विडीयों को नकटी के ग्रामीणजनों से जोड़ना अन्यायपूर्ण एवं दुर्भाग्यजनक है।
उन्होने आगे कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हॅू कि 30-35 वर्षो से बसे लोगों के घरों को तोड़ने की बात की जाती है तो मैं हमेशा उनकी लड़ाई लड़ता रहा हु एवं उनके साथ मिलकर लड़ता रहूंगा। उन्होने गौरीशंकर श्रीवास द्वारा भ्रामक विडियो जारी करने पर अपने अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है यदि समय रहते उन्होने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो उनके विरूद्व सक्षम न्यायालय में मानहानि का मुकादमा दायर किया जायेगा।



