हरियर एक्सप्रेस, गण्डई। देश की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निष्पाप छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए बर्बर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोलों के प्रयोग और अमानवीय व्यवहार के विरोध में प्रदेश भर में आक्रोश का माहौल व्याप्त है। इसी कड़ी में गण्डई में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और युवा कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में केंद्र सरकार के खिलाफ एक विशाल और ऐतिहासिक प्रदर्शन आयोजित किया गया।
यह उग्र प्रदर्शन न केवल छात्रों पर हुए अत्याचारों के खिलाफ था, बल्कि छात्रों की जायज मांगों को संसद से लेकर सड़क तक उठाने वाले देश के वरिष्ठ नेताओं—लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी एवं अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं को केंद्र सरकार के इशारे पर अनैतिक एवं तानाशाही पूर्ण तरीके से गिरफ्तार किए जाने के विरोध में भी था।

रेस्ट हाउस से तिरंगा चौक तक गूंजे क्रांति के नारे
प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) से हुई, जहाँ सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं, युवाओं और छात्र नेताओं ने हाथ में जलती हुई मशालें, तिरंगा झंडा और दमनकारी नीतियों के खिलाफ बैनर-पोस्टर थाम रखे थे।

यहाँ से निकला विशाल ‘मशाल जुलूस’ पूरे मुख्य बाजार मार्ग से होते हुए आगे बढ़ा। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरा गण्डई शहर:
“छात्रों पर अत्याचार बंद करो!”
“नीट मामले में न्याय दो, न्याय दो!”
“शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो!”
“तानाशाही नहीं चलेगी!”
जैसे गगनभेदी नारों से गूंज उठा। सड़क के दोनों ओर खड़े आम नागरिकों ने भी इस विरोध प्रदर्शन को अपना मूक समर्थन दिया।
पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा ध्वस्त, तिरंगा चौक पर धधकी आक्रोश की ज्वाला
मशाल जुलूस जैसे ही शहर के मुख्य केंद्र तिरंगा चौकड़ी पर पहुँचा, स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई। पूर्व से सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन द्वारा भारी संख्या में बल तैनात किया गया था। पुलिस का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाने से रोकना था।
लेकिन युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सामने पुलिस के सुरक्षा इंतजाम धराशायी हो गए।
झड़प और धक्का-मुक्की: पुतला दहन के दौरान उग्र कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने पुतले को छीनने का पूरा प्रयास किया, लेकिन जांबाज कार्यकर्ताओं ने पुलिस घेरे को तोड़ते हुए पुतले को आग के हवाले कर दिया।
पानी लेकर दौड़ती रही पुलिस: पुतले में आग लगते ही उसे बुझाने के लिए पुलिसकर्मी बाल्टियों में पानी लेकर इधर-उधर भागते-दौड़ते नजर आए। लेकिन कार्यकर्ताओं की मुस्तैदी और आक्रोश की आग इतनी भीषण थी कि पुलिस पुतले को जलने से बचाने में पूरी तरह नाकामयाब रही और पुतला पूरी तरह राख में बदल गया।

“छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और तानाशाही बर्दाश्त नहीं होगी”
पुतला दहन के उपरांत उपस्थित युवा नेताओं ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि:
“मोदी सरकार देश के नौजवानों और प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। जब युवा अपने हक की आवाज उठाते हैं, तो उन्हें लाठियों से पीटा जाता है और जेलों में डाला जाता है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जी युवाओं की आवाज हैं, और उनकी गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि सरकार पूरी तरह से डर चुकी है।”
नेताओं ने चेतावनी दी कि यह तो केवल एक शुरुआत है। यदि नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जाँच नहीं हुई, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया गया और गिरफ्तार नेताओं व छात्रों को रिहा कर न्याय नहीं दिया गया, तो यह आंदोलन केवल गण्डई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में उग्र रूप धारण कर सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगा।
इस दौरान एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और वरिष्ठ कांग्रेस संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक एवं इस अवसर पर प्रमुख रूप से विधायक यशोदा वर्मा, प्रदेश किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह चन्देल, नगर पंचायत अध्यक्ष लाल टारकेश्वर खुशरो,पुर्व विधायक गिरवर जंघेल, निलांम्बर वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शत्रुघ्न चंदेल,विनोद ताम्रकार, गुलशन तिवारी,दिलिप ओगरे, धर्मेंद्र मण्डावी, लाल रोहित सिंह पुलत्स्य,रिखी पटेल,रमेश साहु, देवराज किशोर दास, टिकम साहु,बेंगलाल वर्मा,इसराइल खान,अमित टंडन,कृष्णा,मैनु सोलंकी,दमोर जायसवाल, कन्हैया कुर्रे,राजेश पाल, दिलीप नागवंशी,प्रेमलाल साहू, दिनेश रजक तिलक वर्मा निरंजन धनकर शैलेन्द्र दुबे, संतोष सोनी दिनेश साहू हिस्सादार,डोंगेन्द्र साहू,दशरथ यदु, शेखर साहु,शाद मेमन मिनेश साहु, आरती महोबिया हेमलता ठाकुर ओम साहू , अशरफ सिद्दीकी, रमहाऊ साहु,संदीप, आषिश देवांगन, फिरोज मेमन, अनिल वर्मा, ताराचंद बंजारे, कोमल देवांगन,गोवर्धन साहू, चेतन देवांगन,देवलाल पुलस्त्य,शिव कुर्रे, संतोष कुर्रे, परमेश्वर पाल मिथलेश साहू संजू नेम अमलेश्वर पाल ईश्वर दास कीर्तन चतुर्वेदी भोज वर्मा मोहित वर्मा प्रभु राम साहू अशोक यादव दिनु दास टंडन हरकरम पटेल रमेश यादव झंगलु साहू रामेश्वर पटेल डोमन साहू तोप सिंह के अलावा भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



