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हरियर एक्सप्रेस, नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन शाम पांच बजे समाप्त हो गया। प्रदर्शन ख़त्म होने के बाद अभिजीत दीपके ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा, आज का प्रदर्शन तो सिर्फ़ एक ट्रेलर था। उन्होंने एक्स पर लिखा, अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहा हूँ, उनसे आख़िरी बार मिले हुए एक साल से ज़्यादा हो गया है। पिछले 15 दिनों में उन्हें बहुत तकलीफ़ हुई है और धमकियों की वजह से उन्हें घर छोड़ना पड़ा। उन्हें वापस घर ले जाऊँगा। आज का प्रोटेस्ट तो बस एक ट्रेलर था। इतनी बड़ी संख्या में आने के लिए धन्यवाद।

वहीं पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देने के लिए सात दिनों का समय दे रही है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा। आशुतोष रांका ने कहा, आज जंतर-मंतर पर हज़ारों लोगों की भीड़ जुटने के बाद भी सरकार की ओर से और धर्मेंद्र प्रधान की तरफ़ से इस्तीफ़े को लेकर कोई ख़बर नहीं आई है। प्रधानमंत्री ने भी अभी तक धर्मेंद्र प्रधान को बर्ख़ास्त नहीं किया है।

उन्होंने कहा, जिन लोगों को लग रहा है कि आज सिर्फ़ एक प्रदर्शन था, उन्हें हम बताना चाहते हैं कि यह सिर्फ़ एक ट्रेलर था। हम इस सरकार को सात दिन का समय दे रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान में अगर देश के लोकतंत्र के प्रति थोड़ी भी जवाबदेही है, तो वे सात दिन के भीतर इस्तीफ़ा दें, या फिर प्रधानमंत्री मोदी उन्हें बर्ख़ास्त करें। नहीं तो हम दोबारा प्रदर्शन करेंगे।

बता दें कि शनिवार सुबह सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका से दिल्ली पहुँचे। इसके बाद उन्होंने जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इस विरोध प्रदर्शन में शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए थे। जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने कहा, पिछले दो-तीन दिन से मेरी मां-बहन रो रहे थे कि तुम वापस आ जाओगे तो ये लोग तुम्हें अंदर डाल देंगे। मेरे घर वापस आने से उन्हें डर लग रहा था। ये मेरी मां का अकेले का डर नहीं है। इस देश में जो भी बच्चा, स्टूडेंट, युवा राजनीति के ऊपर और इस सरकार के ख़िलाफ़ बोलेगा तो उसकी मां को डर लगता है कि मेरे बेटे को कहीं ये अंदर न डाल दें। कब तक हम ऐसे डर में जिएंगे, एक बार इनको बता दो कि इनकी डर की राजनीति से हम अब नहीं डरने वाले है। अभिजीत दीपके ने इसके बाद ‘नहीं डरेंगे नहीं डरेंगे, तुम्हारी राजनीति से नहीं डरेंगे, धर्म की राजनीति बंद करो, हिंदू-मुसलमान की राजनीति बंद करो’ जैसे नारे लगाए।

अभिजीत दीपके ने जंतर मंतर पर कहा, पिछले 5, 10 दिन से लोग मुझसे सवाल कर रहे थे कि सोशल मीडिया पर पेज चलाकर क्या होगा। उन लोगों को कैमरा घुमाकर ये दिखा दीजिए कि जंतर मंतर पर कितने कॉकरोच घर से बाहर निकल कर आएं है। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक-दो दिन में हमारे साथ लाखों स्टूडेंट्स होंगे। ये कॉकरोच जनता पार्टी कोई प्लान की हुई पार्टी नहीं है। ये हर एक स्टूडेंट की आवाज़ है, जो सरकार से नाराज़ है। उन्होंने कहा, 10-12 साल से इन लोगों ने हमें हिंदू-मुसलमान की राजनीति में फंसा कर रखा, इससे किसे फ़ायदा हुआ? क्या हिंदू-मुसलमान करने से देश में किसी को भी नौकरियां मिलीं?

कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रही है। सीजेपी ने समर्थकों से कहा है कि आंदोलन को प्रेम और शांति से आगे बढ़ाना है। जंतर मंतर पर अभिजीत दीपके ने भाषण भी दिया। लद्दाख़ के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने आशंका जताई थी कि एयरपोर्ट पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की गिरफ़्तारी हो सकती है।

हालांकि सीजेपी ने अपने एक्स हैंडल पर तस्वीर पोस्ट की जिसमें अभिजीत दीपके एयरपोर्ट से निकलकर कार में आगे बढ़ रहे थे। इस तस्वीर में दीपके के हाथ में बाबा साहेब आंबेडकर की जीवनी भी नज़र आ रही थी। इस बीच जंतर मंतर पर सुरक्षा काफ़ी कड़ी दिख रही थी। वहां युवाओं की भीड़ भी मौजूद थी और उनकी तादाद बढ़ती हुई दिखाई दी। जंतर मंतर पर बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी और पत्रकार भी नज़र आ रहे थे। साथ ही सीजेपी के ख़िलाफ़ बीजेपी के समर्थक भी जंतर मंतर पहुंचे। परन्तु पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन करने से रोक दिया और बाहर निकाल दिया।
इससे पहले सीजेपी ने एक्स हैंडल ‘कॉकरोच इज़ बैक’ पर लिखा, “हम धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेकर रहेंगे। अब समय आ गया है कि इस छोटे से मज़ाक को एक आंदोलन में बदल दिया जाए।”




