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गौवंश सड़कों पर भटकने मजबूर, गौधाम के नाम पर करोड़ों के अनुदान और घोषणाओं का हिसाब दे सरकार – कांग्रेस

गौवंश सड़कों पर भटकने मजबूर, गौधाम के नाम पर करोड़ों के अनुदान और घोषणाओं का हिसाब दे सरकार – कांग्रेस

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार की गौसेवा की असलियत अब सामने आ रही है। कांग्रेस सरकार में बने 10 हजार से अधिक गोठानों में ताला लगाकर भाजपा सरकार ने गौवंश संरक्षण के नाम पर बड़ी-बड़ी घोषणाएं की लेकिन 1460 गौधाम और गौ अभ्यारण बनाने के दावे हवाहवाई निकली। तीन साल में 100 के करीब गौधाम बनने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में 1460 गौधाम बनाने के लिए 44 साल लगेंगे। असल मायने में भाजपा की नीयत में खोट है। सरकार बनते ही गोठानो में ताला लगाया जिसके कारण राज्य से पशुधन की तस्करी बढ़ी है। भाजपा बीफ कम्पनियों से चंदा लेती है, बदले में धंधा देती है इसलिये गोठानो का विरोध किये थे। अब पशुधन सड़को में भटक रही है, बीमारी, भुखमरी और दुर्घटनाओं में पशुधन की मृत्यु हो रही है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार गौमाता के नाम पर राजनीति करने में सबसे आगे रहती है, लेकिन जब गौवंश के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने की बारी आती है तो सरकार की इच्छाशक्ति गायब हो जाती है। सड़कों पर गौवंश दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, किसान फसलों को बचाने परेशान हैं और पशुपालक व्यवस्था की बदहाली से जूझ रहे हैं। आखिर गौवंश के संरक्षण की जिम्मेदारी किसकी है?

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार बताए कि 1460 गौधाम बनाने का लक्ष्य तय करने के बाद अब तक केवल 101 गौधाम ही क्यों संचालित हो पाए? शेष गौधामों का निर्माण कब होगा? 191 गौधामों को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद भी निर्माण और संचालन की गति इतनी धीमी क्यों है? गौधाम के लिए जारी बजट और अनुदान की राशि का कितना उपयोग हुआ, इसका पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए? सरकार केवल गौधाम की संख्या बताकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। गौधामों में चारे, पानी, पशु चिकित्सक, कर्मचारियों और पर्याप्त क्षमता की व्यवस्था भी जरूरी है। गौवंश को सुरक्षित रखने के बजाय उन्हें अव्यवस्थित स्थानों पर ठूंसकर रखना गौसेवा नहीं है।

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