किसानों के हक का पैसा रोककर सरकार उन्हें त्योहार की खुशियों से वंचित न करे, 1 नवंबर से ₹3,358 प्रति क्विंटल की दर से खरीदे धान।
हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की बकाया धान अंतर राशि और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त का भुगतान तत्काल करे। किसानों की 6,066 करोड़ रु की बकाया राशि का भुगतान दीपावली के पहले किया जाए और किसानों को प्रति एकड़ अग्रिम राशि भी दी जाए, ताकि अन्नदाता परिवार अपने घरों में खुशियों के साथ त्योहार मना सकें। किसानों की बकाया राशि में पिछले दो वर्षों की धान अंतर राशि के क्रमशः 1,743 करोड़ रु और 2,623 करोड़ रु तथा राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त के 1,700 करोड़ रु शामिल हैं। ये किसानों के हक और मेहनत से जुड़ा पैसा है। सरकार द्वारा इस राशि को रोकना किसानों के साथ अन्याय है।ये राशि तत्काल जारी की जाये ताकि दीपावली के अवसर पर किसान भी अपने घरों का रंग-रोगन करा सकें, बच्चों और बुजुर्गों के लिए नए कपड़े खरीद सकें तथा परिवार के साथ त्योहार मना सकें। सरकार किसानों की आर्थिक जरूरतों को समझे और भुगतान तत्काल करे।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि धान खरीदी की तारीख नजदीक आने के बावजूद किसानों को अपनी उपज बेचने की व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है। भाजपा जब विपक्ष में थी, तब कांग्रेस सरकार से 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग करती थी। अब सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि वह 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने से क्यों पीछे हट रही है? किसानों के हित में किए गए अपने पुराने वादों और मांगों पर सरकार अमल क्यों नहीं कर रही है?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि धान के समर्थन मूल्य में वर्ष 2023 के बाद तीन बार बढ़ोतरी हुई है—117रु, 72 रु और 69 रु प्रति क्विंटल। कांग्रेस की मांग है कि इन बढ़ोतरी के आधार पर 258 रु प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि जोड़कर किसानों से 3,358 रु प्रति क्विंटल की दर से, प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जाए। किसानों को उनके अधिकारों और घोषित लाभों के लिए बार-बार संघर्ष करने की स्थिति में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। धान खरीदी के समय नए-नए नियमों, टोकन की दिक्कतों, बारदाने की उपलब्धता और भुगतान संबंधी समस्याओं से किसानों को परेशान नहीं होना चाहिए। सरकार की जिम्मेदारी है कि खरीदी केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्था करे, किसानों को समय पर टोकन मिले, बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित हो और भुगतान में अनावश्यक देरी न हो। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि किसान बिना परेशानी अपनी पूरी उपज बेच सकें।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछले खरीफ सीजन में धान बेचने में आई परेशानियों और किसानों पर पड़े आर्थिक दबाव को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसानों की आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार समय रहते ठोस कदम उठाए। किसान परिवारों को आर्थिक अनिश्चितता में छोड़कर कृषि व्यवस्था को सुचारु नहीं बनाया जा सकता। भाजपा सरकार किसानों से किए गए वादों पर अमल करे। दीपावली के पहले ₹6,066 करोड़ की कथित बकाया राशि का भुगतान, प्रति एकड़ अग्रिम राशि जारी करने और 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने के संबंध में तत्काल स्पष्ट निर्णय ले।



