जश्ने ईद मिलादुन्नबी में गूंजा पैगाम-ए-अमन, मोहब्बत और भाईचारा…
भव्य जुलूस के साथ हुआ जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन, मुल्क की तरक्की, अमन और खुशहाली के लिए मांगी गई दुआ।

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। शहर सीरतुन्नबी कमेटी, रायपुर के ज़ेरे-एहतमाम जश्ने ईद मिलादुन्नबी का भव्य आयोजन बुधवार को बड़े ही अकीदत, शानो-शौकत और अदबो-ए-एहतिराम के साथ किया गया। इस मौके पर शहर के विभिन्न मोहल्लों से बड़ी संख्या में आशिकाने रसूल जुलूस की शक्ल में शामिल हुए।
जुलूसे ईद मिलादुन्नबी सुबह महबूबिया चौक, बैजनाथपारा से निकाला गया, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ सीरत मैदान पहुंचा। यहां आले नबी, औलादे अली, शहज़ादे हुज़ूर सरकार-ए-कलाँ एवं हुज़ूर हसनुल मशाइख हज़रत सय्यद हसन अशरफ अशरफुल जिलानी, किछौछा मुकद्दसा, उत्तर प्रदेश के दस्त-ए-मुबारक से परचम-कुशाई की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उलमा-ए-किराम, जिम्मेदारान-ए-कौम, मोहल्ला कमेटियों के पदाधिकारी एवं अकीदतमंद मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान नबी-ए-करीम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा की सीरत-ए-पाक, अमन, मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत के पैगाम को आम करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि सीरत-ए-मुस्तफा हमें समाज में मोहब्बत, आपसी भाईचारा, सद्भाव और इंसानियत कायम रखने की शिक्षा देती है।
कार्यक्रम के समापन पर भारत देश की तरक्की, अमन-ओ-आमान, खुशहाली और भाईचारे, छत्तीसगढ़ एवं रायपुर की तरक्की तथा तमाम इंसानों की सलामती के लिए विशेष दुआ की गई। साथ ही मुल्क में आपसी मोहब्बत और एकता कायम रहने तथा हर तरह की परेशानी, आफत और मुसीबत से हिफाज़त के लिए बारगाह-ए-इलाही में दुआ मांगी गई।
इसके बाद सीरत मैदान में आम लंगर का भी एहतमाम किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।

शहर सीरतुन्नबी कमेटी ने जश्ने ईद मिलादुन्नबी ﷺ के आयोजन को कामयाब बनाने में सहयोग करने वाली तमाम मोहल्ला कमेटियों, उलमा-ए-किराम, प्रशासन, पुलिस प्रशासन, वालंटियर्स, मीडिया एवं तमाम आशिकाने रसूल का शुक्रिया अदा किया।
इस मौके पर शहर सीरतुन्नबी कमेटी के सदर मो. सोहेल सेठी, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा एजाज बेग, फाउंडर मेंबर हाजी शेख नजीमुद्दीन, जनरल सेक्रेटरी हाजी सबीहुद्दीन, चीफ ऑर्गेनाइजर मो. सिराज, वरिष्ठ अधिवक्ता फैसल रिज़वी, हाजी बदरुद्दीन खोखर, इकबाल शरीफ, डॉ. मुजाहिद अली फारूकी, मोइनुद्दीन, मुफ्ती एहतेशाम अली फारूकी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, उलमा-ए-किराम एवं अकीदतमंद उपस्थित रहे।



