गुरु घासीदास बाबा के अपमान पर सख्त हुए मंत्री गुरु खुशवंत, आरोपी हर्ष चंद्राकर गिरफ्तार…
गुरु घासीदास बाबा के प्रति अपमानजनक टिप्पणी पर सख्त एक्शन, सतनामी समाज के गुरु मंत्री गुरु खुशवंत ने दिया स्पष्ट संदेश।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के संज्ञान में आते ही कार्रवाई, गुरु घासीदास बाबा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला आरोपी हर्ष चंद्राकर गिरफ्तार।
सतनामी समाज की आस्था पर चोट बर्दाश्त नहीं : गुरु खुशवंत साहेब
समाज की धार्मिक भावनाएं आहत करने वालों को नहीं मिलेगी छूट : गुरु खुशवंत साहेब
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हरियर एक्सप्रेस, महासमुंद/रायपुर/छत्तीसगढ़। महासमुंद में एक बार परिसर में हुए विवाद के दौरान आरोपी हर्ष चंद्राकर द्वारा जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने तथा सतनामी समाज के आराध्य परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
यह मामला सतनामी समाज के गुरु घासीदास बाबा के वंशज एवं छत्तीसगढ़ शासन में अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के संज्ञान में आते ही गंभीरता से लिया गया। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर दोषी के विरुद्ध तत्काल एवं कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद महासमुंद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115(2), 351(3) सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी हर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा का संदेश सत्य, समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का है। उनके प्रति अपमानजनक टिप्पणी अथवा सतनामी समाज की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अनुसूचित जाति समाज के सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समाज में वैमनस्य फैलाने, जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने तथा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले तत्वों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने पुलिस प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सौहार्द और धार्मिक आस्था के विरुद्ध किसी भी प्रकार की गतिविधि को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।



