advertisement…
हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। स्कूलों में नया शिक्षण सत्र शुरू हो गया है, लेकिन सुविधाओं के आभाव में पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश स्कूलों, भवन, शौचालय, पेयजल जैसी सुविधाओ की कमी तो है ही, प्रदेश में 57000 से अधिक शिक्षको के पद भी खाली पड़े है। 12560 स्कूलो के भवन जर्जर पड़े है। जर्जर और खतरनाक भवनों में बच्चे कैसे पढ़ाई करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अभी तक स्कूलों में सरकार पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंचा पाई है। बच्चो को स्कूल डेªस भी सरकार नहीं पहुंचा पाई है। सुविधाओं के बिना स्कूलों में पढाई कैसे हो पायेगी। सरकार शाला प्रवेश उत्सव खूब ढ़िढ़ोरा पीट रही है, लेकिन शाला में पढ़ाई के लिये जरूर सुविधाये जुटाने में पूरी तरह उदासीन बनी हुई है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की सरकार नहीं चाहती कि छत्तीसगढ़ के बच्चें पढ़े लिखे, पढ़ लिख पाएं, इन्हें डर है कि पढ़ा लिखा युवा इनसे सवाल पूछेगा, इन्हें तो अंधभक्त चाहिए और इसीलिए दुर्भावना से शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने में जुटी हुई है सरकार। युक्तियुक्तकरण के नाम पर पिछले सत्र की तुलना में छत्तीसगढ़ में 10463 सरकारी स्कूलों का डायस कोड मर्ज किया जा चुका है, अर्थात इतने स्कूल कम हो गए, नया सेटअप के नाम पर प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी में न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती की गई, छात्र शिक्षक अनुपात बढ़ाए गए जिसके चलते शिक्षकों के अधिकांश रिक्त पद स्वतः समाप्त कर दिए गए।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हर महीने सैकड़ो की संख्या में शिक्षक सेवानिवृत हो रहे हैं लेकिन पिछले डेढ़ साल के दौरान एक भी पद पर नियमित शिक्षक की नई नियुक्ति, यह सरकार नहीं कर पाई है। हालत यह है कि केवल रायपुर जिले की बात करें तो केवल स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों में ही ढाई सौ से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त है, नगर निगम के स्कूलों में सहायक शिक्षक, व्याख्याता की भूमिका निभा रहे हैं। पूरे प्रदेश के आंकड़े और भी चिंतनीय है, भाजपा की सरकार की मंशा शिक्षा विरोधी है।



