CG: रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष शादाब आलम रिज़वी पर गरीब और बेसहारा लोगों के नाम पर चंदा कर गबन करने का आरोप, क्या दर्ज हो सकती है FIR..?
हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। छत्तीसगढ़ रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष शादाब आलम रिज़वी पर गरीब और बेसहारा लोगों की मदद के नाम पर मुस्लिम समाज के कई लोगों से झूठ बोल कर लाखों रुपए सहयोग राशि (चंदा) ले कर उन पैसों को गरीब और बेसहारा लोगों पर खर्च ना करते हुए व्यक्तिगत खर्च करने का गंभीर आरोप लगा है।
बता दें कि यह आरोप उनकी ही संस्था से जुड़े दर्जन भर लोगों ने संस्था से इस्तीफा देते हुए अपना वीडियो फेसबुक पर शेयर करते हुए लगाया है।

तहफ्फुज़ ए नामूस ए रिसालत एक्शन ट्रस्ट (TNRAT) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीशान आलम कादरी ने छत्तीसगढ़ रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष शादाब आलम रिज़वी का निष्कासन आदेश जारी करते हुए कहा है कि इस तंजीम के बैनर तले कौम के लोगों को गुमराह कर गरीबों के नाम पर लाखों रुपए चंदा वसूला जा रहा था और उन पैसों को जरूरतमंदों पर खर्च ना करते हुए व्यक्तिगत कार्यों में खर्च किया जा रहा था। उन्होंने आगे कहा है कि यह तंजीम लोगों का पैसा खा जाती है इस तंजीम को TNRAT का सिंबल इस्तेमाल करने की आज्ञा प्राप्त थी और एक विंग का दर्जा प्राप्त था, परंतु ऐसे गंभीर आरोप लगने के बाद इस संस्था को प्राप्त विंग का दर्जा समाप्त किया जाता है। शादाब आलम रिज़वी बॉयकॉट हैशटैग के साथ जीशान मिर्ज़ा कादरी ने वीडियो जारी करते हुए कहा है कि रज़ा यूनिटी फाउंडेशन तंजीम एक ब्लैक लिस्टेड तंजीम है जो, कि आला हज़रत के नाम पर कौम के लोगों से धोखाधड़ी करती है यह बात उन्हें मुस्लिम समाज के कई लोगों द्वारा मालूम हुई है कि शादाब आलम रिज़वी ने फिलिस्तीन के लोगों की मदद के नाम पर समाज से झूठ बोल के लाखों रुपए चंदा लिया परंतु उन पैसों को उन्होंने अपने व्यक्तिगत कार्यों में खर्च किया है जिसका उनके पास कोई हिसाब किताब नहीं है।

रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के पूर्व सदस्य सलमान रज़ा (रायपुर) ने भी इस संस्था से इस्तीफा देते हुए शादाब आलम रिज़वी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शादाब एक भ्रष्टाचारी है उनके पास संस्था के नाम पर किए जा रहे चंदे का कोई भी हिसाब किताब नहीं है इसलिए शादाब पर समाज के लोग किसी भी प्रकार का भरोसा ना करें।

दुर्ग से सोहेल अशरफी जो कि रज़ा यूनिटी फाउंडेशन संस्था के पूर्व सदस्य हैं उन्होंने भी अपना इस्तीफा देते हुए वीडियो के माध्यम से कहा है कि इस संस्था के अध्यक्ष शादाब आलम रिज़वी ने समाज के कई लोगों से लाखों रुपए लेकर उन पैसों को सामाजिक कार्यों में खर्च ना करते हुए अपने पर्सनल उपयोग में खर्च किया है जिसके चलते वह इस संस्था से इस्तीफा देते हैं और उन्होंने समाज के लोगों से यह अपील की है कि शादाब आलम रिज़वी यदि कौम के नाम पर किसी से भी सहयोग राशि यानी चंदा मांगते हैं तो उन्हें एक रुपए भी चंदा ना दिया जाए।

शेख अमीन हुसैन रिज़वी (अंबिकापुर) ने भी रज़ा यूनिटी फाउंडेशन संस्था से अपना इस्तीफा देते हुए शादाब आलम रिज़वी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि रमज़ान के समय में शादाब द्वारा कई मुद्दों को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में लाखों रुपया चंदा किया गया था लेकिन उन पैसों का हिसाब किताब आज तक संस्था के किसी भी सदस्य को नहीं दिया गया। जब कभी संस्था का कोई सदस्य उनसे इन रुपयों का हिसाब किताब मांगता है तो वह यह कहते हैं कि आपने कितना चंदा दिया है? ऐसे जवाब से असंतुष्ट शेख अमीन हुसैन रिज़वी ने भी इस संस्था से इस्तीफा दे दिया।

जुबेर सिद्दीकी ने कहा कि मैं रज़ा यूनिटी फाउंडेशन का पहला सिपाही बनकर हमेशा साथ खड़ा रहता था परंतु शादाब आलम रिज़वी जो कि इस संस्था को लीड कर रहे हैं वह पूरी तरह से करप्ट एवं भ्रष्ट इंसान है शादाब गरीबों और बेसहारा लोगों के नाम पर समाज के लोगों से सहयोग राशि यानी चंदा एकत्रित करते है और उन पैसों को समाज के गरीब व असहाय लोगों पर खर्च नहीं करते है। इन रुपयों का हिसाब भी किसी भी संस्था सदस्य को नहीं देते है जिसके चलते वह इस संस्था से इस्तीफा दे रहे हैं।

अब देखना यह है की इतने गंभीर आरोप लगने के बाद और संस्था से इस्तीफा देने के बाद समाज के लोगों द्वारा क्या पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाती है या फिर शादाब इन रुपयों का हिसाब किताब देकर संस्था के सभी सदस्यों एवं समाज के लोगों को संतुष्ट करने में सफल होते हैं।



