June 5, 2026

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प्रधानमंत्री मोदी की अपील ने देशवासियों के जख्मों पर नमक डालने का काम किया – दीपक बैज

प्रधानमंत्री मोदी की अपील ने देशवासियों के जख्मों पर नमक डालने का काम किया – दीपक बैज

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की कल देशवासियों से की गयी अपील ने देशवासियों के जख्मों पर नमक डालने का काम किया। पिछले 2 माह से डीजल, पेट्रोल, गैस के संकट से जूझ रही तथा महंगाई की मार झेल रहे लोगों से प्रधानमंत्री ने कहा कि

 उन्होंने किसानों को सलाह दिया कि खेती में उर्वरक का उपयोग कम करें।

 उन्होंने देश के कामकाजी वर्ग को सलाह दिया कि वर्क फॉर्म होम करिए। ऑफिस मत जाईये।

 उन्होंने देश की महिलाओं को सलाह दिया खाद्य तेल कम उपयोग करे, गैस का उपयोग कम करे।

 उन्होंने देशवासियों से कहा सोना मत खरीदे।

 उन्होंने लोगों से कहा विदेश यात्रा मत करे।

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उर्वरक नहीं मिलने पर किसानों की उत्पादकता घट रही…

मोदी कह रहे कि किसान उर्वरकों का उपयोग कम करे जबकि देश में पिछले सात साल से उर्वरकों की कमी है। प्रधानमंत्री उर्वरक की व्यवस्था करने के बजाय बार-बार किसानों से यूरिया की खपत कम करने की अपील करते रहे है। किसानों की आय दुगुनी करने का वादा था लेकिन उर्वरक नहीं मिलने तथा महंगा उर्वरक खरीदने के कारण किसान कर्जदार हो रहे, उत्पादकता घट रही। हमारे छत्तीसगढ़ में 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की आवश्यकता है लेकिन राज्य सरकार अभी तक 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही सोसायटियों तक पहुंचा पायी है। कुल जरूरत का मात्र 30 फिसदी अभी भी 70 फिसदी उर्वरक सोसायटियों तक नहीं पहुंचा है।

देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री है जो राष्ट्र की उत्पादकता को कम करने पर तुले हुए है।

मोदी नागरिकों को काम नहीं करने की सलाह दे रहे…

मोदी कह रहे कि वर्क फार्म होम करिए, काम पर मत जाइए, मोदी जी के इस सलाह से फील्ड में काम करने वाले, गली कूचे में घूमकर सामान बेचने वाले, फेरी लगाने वाले क्या करेंगे?

देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने कहा था आराम हराम है। मोदी कह रहे काम मत करो घर में बैठो।

महंगाई के कारण वैसे ही किचन का बजट बिगड़ा हुआ…

मोदी कह रहे तेल मत खाओ, जबकि मोदी राज में किचन का बजट बिगड़ा हुआ है।

खाद्य सामाग्री के दाम इतने बढ़े हुए है कि तेल क्या गृहणियां हर चीज के बजट में कटौती कर रही है।

आवश्यक सामाग्री के दाम मनमोहन सरकार की तुलना में मोदी राज में बेतहाशा बढ़ी…

आवश्यक सामाग्री – 2013 -2026

आटा (10 किलो) – 210 रूपये – 530 रूपये

चावल – 30-36 रू. किलो – 50-65 रू. किलो

फुल क्रीम दूध – 39 रूपये – 66 रूपये

देसी घी – 300 रूपये – 1080 रूपये

सरसों तेल – 52 रूपये – 260 रूपये

अरहर दाल – 70-80 रूपये – 160-170 रूपये

रसोई गैस – 410 रूपये – 1000 रूपये

पेट्रोल – 66 रूपये – 100 रूपये

डीजल – 52 रूपये – 95 रूपये

रिफाइंड तेल – 86 रूपये – 175 रूपये

फल्ली दाना – 60 रूपये – 135 रूपये

उड़द दाल – 64 रूपये – 120 रूपये

मूंग दाल – 62 रूपये – 130 रूपये

मसूर दाल – 47 रूपये – 90 रूपये

चना दाल – 40 रूपये – 90 रूपये

जीरा – 220 रूपये – 1450 रूपये

गेहूं – 22 रूपये – 36-40 रूपये

विभिन्न साबुनों के दाम में 22 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुआ

दवाई के दाम में 32 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गया।

2013 की तुलना में मोदी राज में सोना 50 गुना महंगा…

2013 में जब देश में कांग्रेस की सरकार थी, तब भारत में सोने की कीमत 28500 से 29600 रू. प्रति ग्राम था। आज 2026 में आज सोने का भाव 152130 रू. प्रति 10 ग्राम है। 12 सालों में मोदी राज महंगाई बेतहाशा बढ़ने का अंदाजा सोने की कीमत से लगाया जा सकता है कि सोना 50 गुना महंगा हुआ है।

देश की महिलाओं के मंगलसूत्र छीनने का डर दिखाने वाले मोदी ने देश की महिलाओं के मंगलसूत्र ही नहीं अंगूठी, मांगटीका, हार, सोने की चैन सब छीनना चाह रहे।

मोदी खुद विदेश यात्रा पर करोड़ो फूंक रहे…

मोदी जब से प्रधानमंत्री बने है उन्होने 70 देशों के विदेश यात्रा पर लगभग 815 करोड़ रू. खर्चा किया है तथा 300 से अधिक दिन विदेशों में बिताया है, उनका निजी विमान जिसमें वे चलते है उसकी कीमत 8400 करोड़ रू. है। 15 तारीख से वे फिर विदेश यात्रा पर जा रहे है।

मोदी राज में पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़े…

मोदी सरकार बनने के बाद पेट्रोल के दाम 70 रु. प्रति लीटर से बढ़कर 100 रु. प्रति लीटर के पार हो गए हैं जबकि डीजल के दाम 55 रु. प्रति लीटर से बढ़कर 95 रु. प्रति लीटर के करीब पहुंच गए हैं। बीते 12 सालों में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर कर लगाकर 47 लाख करोड़ रुपए जनता की जेब से निकाले गए हैं।

जब क्रूड ऑयल 19 डॉलर प्रति बैरल था तब भी पेट्रोल, डीजल 100 रू. में बेच रहे थे, अब क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल है तब प्रधानमंत्री जनता को उस कमाई से राहत देने के बजाय पेट्रोल, डीजल बचाने की अपील कर रहे।

छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में सरगुजा, जैसे इलाकों में हफ्तों से डीजल, पेट्रोल की कमी से जनता जूझ रही। कमर्शियल गैस नहीं मिलने के कारण राज्य के अधिकांश स्टील उद्योग बंद पड़े है।

आम आदमी कर्जदार हुआ…

भाजपा सरकार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नियंत्रित करने में असफल और नकारा साबित हुई है। अभी हाल ही में देश भर में हुई सर्वे में एक बात सामने आई है कि मोदी सरकार की गलत नीतियों, रोजगार देने में असफलता, पेट्रोल, डीजल में मनमाना एक्साइज ड्यूटी, रेल यात्रा का महंगा होना, सड़कों पर टोल टैक्स के दरों में वृद्धि एवं आवश्यक वस्तुओं पर भी लगाई गई जीएसटी के चलते आम लोगों के आय एवं बचत घटी है और मुखिया को घर चलाने के लिए घर की आवश्यकताओं को पूर्ति करने के लिए 77 प्रतिशत तक के ऋण लेने पड़े है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार को कोई वास्ता नहीं।

12 सालो में मोदी सरकार ने क्रूड आयल भंडारण का एक भी केन्द्र नहीं बनाया…

देश में 12 सालों से मोदी की सरकार है, इन 12 सालों में मोदी की सरकार ने क्रूड ऑयल भंडारण के लिए एक भी भंडार नहीं बनाये। देश में इस समय कुल 3 भंडारण केंद्र है, पहला विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश में इसका निर्माण 2008 से 2014 के बीच हुआ। दूसरा मंगलुरू, कर्नाटका में इसका निर्माण 2009 से 2016 के बीच हुआ। तीसरा पेडूर, कर्नाटका इसका निर्माण भी यूपीए सरकार ने कराया 2010 में। देश की कुल तेल और गैस भंडारण क्षमता 5.33 मिलियन टन है। पूरे का निर्माण कांग्रेस की यूपीए सरकार ने किया। मोदी सरकार ने क्या किया? यह भंडारण केंद्र इसलिए बनाये जाते है ताकि युद्धकाल में, संकट काल में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमते बढ़ने का प्रभाव देश पर न पड़े। आज देश में गैस, पेट्रोल-डीजल का संकट है तो इसके पीछे मोदी सरकार की लापरवाही है।

मोदी अपने नेताओं को कहे डीजल बचाये…

मोदी की अपील के बाद भाजपाई, मंत्री, विधायक, पदाधिकारी, साइकिल से चले डीजल-पेट्रोल बचाये। प्रधानमंत्री की सलाह पर अमल पहले उनके दल के लोगों को करना चाहिए, उसके बाद आम जनता से अपेक्षा करे। अपना तथा अपने मंत्रियो, मुख्यमंत्रियो, राज्य के मंत्रियो के काफिले को खत्म करें।

मोदी से देश नहीं संभल रहा…

जब मनमोहन सरकार थी तब देश दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था थी, मोदी राज में यह 6वें स्थान पर पहुंच गया है।

प्रधानमंत्री मोदी से देश नहीं संभल रहा, देश ने पहले भी अनेकों ऐसे संकट देखे है, तब भारत की तत्कालीन सरकारों ने सूझबूझ से इन समस्याओं का सामना किया था। मोदी ने तो आज तक इस वैश्विक संकट पर विपक्षी दलों की बैठक तक नहीं बुलाई। जब उनसे स्थितियां नहीं संभल रही तो देश की जनता से कम उपयोग की अपील कर रहे है।

पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री दीपक मिश्रा, संयुक्त महामंत्री अशोक राज आहूजा, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, प्रवक्ता अजय गंगवानी, सत्यप्रकाश सिंह, सौरभ साहू उपस्थित थे।

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