June 6, 2026

Office Address

123/A, Miranda City Likaoli
Prikano, Dope

Phone Number

+0989 7876 9865 9

+(090) 8765 86543 85

Email Address

info@example.com

example.mail@hum.com

State

नवा रायपुर में जनसैलाब के बीच गरिमामय वातावरण में मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती…

नवा रायपुर में जनसैलाब के बीच गरिमामय वातावरण में मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती…

अंबेडकर चौक में बाबा साहब की आदमकद कांस्य प्रतिमा का होगा अनावरण।

विज्ञापन…

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर स्थित इंद्रावती भवन के समीप कैपिटल कॉम्प्लेक्स क्षेत्र के अंबेडकर चौक में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डां बी.आर. अंबेडकर जयंती समारोह, संयुक्त आयोजन समिति के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं आम नागरिकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। सुबह से ही अंबेडकर चौक पर लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरे क्षेत्र में “जय भीम” एवं संविधान के जयघोष गूंजते रहे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, एवं अध्यक्षता महादेव कांवरे, संभागायुक्त रायपुर द्वारा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कर उपस्थित जनों को संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई गई। अंबेडकर चौक से एक भव्य रैली भी निकाली गई, जिसमें नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामाजिक समानता और न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।

अंबेडकर चौक में आदमकद कांस्य प्रतिमा की स्थापना की जाएगी…

समारोह के दौरान आयोजन समिति द्वारा अंबेडकर चौक में संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर की आदमकद कांस्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग रखी गई। इस पर मुख्य अतिथि मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में यहां एक भव्य एवं विशाल प्रतिमा अवश्य स्थापित की जाएगी। मंत्री जी का यह व्यक्त्तव उपस्थित जनसमूह के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा और आत्मसम्मान की एक प्रेरणादायक गाथा है। उन्होंने बताया कि बाबासाहेब ने अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में रहते हुए विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त की और अपने ज्ञान, परिश्रम एवं दूरदर्शिता के बल पर भारत को विश्व का सबसे मजबूत संविधान प्रदान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया, जो आज भी हम सभी के लिए मार्गदर्शक है।

अपने वक्तव्य में मंत्री ने समाज को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार केवल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ाना होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों को जानें, समझें और संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं, ताकि एक समरस, समान और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सके।

कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन, उनके विचारों और समाज में लाए गए क्रांतिकारी परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। दिलीप वासनिकर ने संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों की जानकारी देते हुए इसे विश्व का सबसे प्रभावशाली दस्तावेज बताया, वहीं कमल वर्मा ने कर्मचारियों और आम नागरिकों को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया। धनंजय देवांगन ने सामाजिक एवं आर्थिक स्वतंत्रता को संविधान की मूल भावना बताते हुए कहा कि यह सभी वर्गों के समग्र विकास का आधार है।

सुभाष मिश्रा, अनिल बनज एवं आलोक देव ने जातिविहीन समाज की स्थापना, सामाजिक समता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। मंजू बंसोड़ ने महिला सशक्तिकरण में डॉ. अंबेडकर के योगदान को रेखांकित किया, जबकि डाॅ आर. के. सुखदेवे ने शिक्षा को समाज के विकास की आधारशिला बताया।

आर. पी. भतपहरी ने वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान में डॉ. अंबेडकर की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक महान नेता ही नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जिनकी प्रासंगिकता आज भी समाज में बनी हुई है।

संयुक्त आयोजन समिति के संयोजक देवलाल भारती ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को डॉ. अंबेडकर के विचारों से जोड़ना तथा असमानता को दूर कर समानता की भावना को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जागरूक करने और संविधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर उपस्थित सभी आमंत्रितों एवं नागरिकों को डॉ. अंबेडकर का पैरा आर्ट फोटोफ्रेम संविधान की प्रस्तावना तथा संविधान की पुस्तकें भेंट की गईं। कार्यक्रम में अश्विनी कुमार बंजारा, एच.के. रंगारी, अगर लाल जोशी, कमलेश बंसोड, राजीव अहिरे कृष्ण लाल कश्यप, विमल शाण्डिल्य, शैलेंश टेंबुरने, कैलाश नेताम, घनश्याम साहू, यू एस राठिया, भूपेन्द्र सिंह ठाकुर, एन आर चंद्रवंशी, एल. एन. कोसरिया , श्रीमती विद्या भारती, सुश्री कांति सूर्यवंशी, आशा पात्रे, टीकू रावटे, उमेश सिंह, अनिल मालेकर, अश्विन पात्रे, ए.एस. मरावी, जी.एस. पैकरा, डी.एस. धुवे, राजदेव लकड़ा, वीरेंद्र मिरचे, रमेश घिदौडे, मुक्त नंद खूंटे, एस.आर. टंडन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक स्थानीय, मंडल अध्यक्ष श्री देशवन बघेल ग्रामीण सरपंच, उप सरपंच, जनपद प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने तथा संविधान के मूल्यों का पालन करने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल डॉ. अंबेडकर के प्रति श्रद्धा का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में समानता, न्याय और बंधुत्व के संदेश को सशक्त रूप से प्रसारित करने में भी सफल रहा।

Share
Avatar
About Author

hariyarexpressnews

error: Content is protected !!