March 7, 2026

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सरकार के षड्यंत्रों के चलते धान नहीं बेच पाए किसान, खुद के ही तय लक्ष्य से 26 लाख और पिछले साल से 10 लाख मीट्रिक टन कम खरीदी…

सरकार के षड्यंत्रों के चलते धान नहीं बेच पाए किसान, खुद के ही तय लक्ष्य से 26 लाख और पिछले साल से 10 लाख मीट्रिक टन कम खरीदी…

तत्काल तारीख बढ़ाकर वंचित किसानो का धान खरीदें सरकार

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हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। कम धान खरीदी को सत्ता प्रायोजित किसान विरोधी षड्यंत्र करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन सरकार की दुर्भावना के कारण लक्ष्य से पहले ही बंद कर दी गई है। एग्री स्टेक पोर्टल और एकीकृत किसान पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों के चलते 5 लाख किसान पंजीयन से वंचित रह गए, जिन किसानों का पंजीयन हुआ था, उसमें भी लगभग 3 लाख किसानों को टोकन ही जारी नहीं किया गया। जिन किसानों को टोकन जारी हुआ था, उनसे वास्तविक खरीदी जारी किए गए टोकन की लिमिट से कम मात्रा में की गई। यही कारण है कि 165 लाख मीट्रिक टन के खुद के तय लक्ष्य के विपरीत केवल 139 लाख मीट्रिक टन धान ही खरीदा गया। सरकार के खुद के द्वारा तय लक्ष्य से लगभग 26 लाख मीट्रिक टन धान कम खरीदा गया। सामान्यतः हर वर्ष बटवारा, नांमातरण के चलते पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ती है, धान की खेती का रकबा बढ़ता है और धान खरीदी की कुल मात्रा बढ़ती है, लेकिन इस बार सरकार की दुर्भावना के चलते ही पिछले साल की तुलना में इस साल 10 लाख मीट्रिक टन धान कम खरीदा गया।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा की सरकार पहले ही दिन से धान खरीदी प्रक्रिया को बाधित करने में लगी रही। किसान रात-रात भर टोकन का इंतजार करते संग्रहण केन्द्रो में बैठे रहे लेकिन यह सरकार एनआईसी के माध्यम से सोसाइटियों में प्रतिदिन खरीदी की लिमिट घटाने और टोकन जारी करने की संख्या को कम करने का षडयंत्र लगातार करते रही। किसानों से जबरिया रकबा समर्पण करवाए गए, बिना सहमति के किसानों को उनके धारित भूमि और अनावारी रिपोर्ट को दरकिनार कर उनके हक़ से वंचित किया गया। किसान त्रुटियो और खामियो में संशोधन के लिए खाद्य विभाग, सहकारिता, राजस्व और पंचायत के चक्कर काटते रहे, तहसील से लेकर कलेक्टर कार्यालय, भाजपा के नेता, मंत्री, विधायक किसानों को केवल आश्वासन मिला, अब बिना पुरा धान उपार्जन के खरीदी बंद कर दी गई, यह सरकार किसानों का भरोसा खो चुकी है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार के दावे झूठे हैं, अब भी छत्तीसगढ़ के लगभग 16 प्रतिशत पंजीकृत किसान अपना धान नहीं बेच पाए हैं, पूरे प्रदेश में किसानों का आक्रोश चरम पर है, इस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं लेकिन यह सरकार आंख मूंदे बैठी है। सरकार वंचित किसानों का धान खरीदे और इसके लिए खरीदी की तिथि बढ़ाने की तत्काल घोषणा करें अन्यथा कोचिए और बिचौलिए के शोषण का शिकार होने मजबूर होंगे किसान क्या यही चाहती है भाजपा सरकार?

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