March 7, 2026

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बंद कराने के लिए पुलिस के संरक्षण में भय और आतंक का तांडव मचाया गया…

बंद कराने के लिए पुलिस के संरक्षण में भय और आतंक का तांडव मचाया गया…

बंद, सरकार और संघ प्रायोजित था – कांग्रेस

बंद को चेंबर के द्वारा दिया गया समर्थन भी अनेकों सवाल खड़ा करता है

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हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। तथाकथित सर्वसमाज के नाम पर जबरिया छत्तीसगढ़ बंद कराने का प्रयास सरकार और संघ प्रायोजित था। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आरएसएस और उससे जुड़े हुये संगठनों के लोग तथा भाजपा कार्यकर्ता बंद कराने सड़कों पर उतरे। प्रदेश भर में बंद कराने वालों ने पुलिस के संरक्षण में आतंक फैलाया। राजनांदगांव, बिलासपुर, राजधानी रायपुर, रायगढ़, बस्तर सहित अनेकों स्थानों पर भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों ने, लोगों से अभद्रता किया। राजनांदगांव में राहगीरों को रोककर मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दी गयी, इसका वीडियो सोशल मीडिया पर है। राजधानी रायपुर के मेग्नेटोमॉल में 100 से अधिक लोग पुलिस की मौजूदगी में लाठियां और हथियार लेकर घुसे तथा तोड़-फोड़ किया, पुलिस मूकदर्शक बनी रही है। बंद कराने वाले जिस हिन्दुत्व के नाम पर बंद कराने का प्रोपोगंडा किया गया, उन्हीं हिन्दुओं को, बंद समर्थक दोगला हिन्दू बोलकर अपमानित कर रहे थे।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आज का बंद धर्मांतरण के विषय पर सरकार के द्वारा अपनी नाकामी की स्वीकारोक्ति थी। सारा प्रदेश देख और समझ रहा है कि भाजपा सरकार प्रदेश में धर्मांतरण की घटनाओं और धर्मांतरण के नाम पर हो रहे टकराव को रोकना नहीं चाहती, बल्कि सरकार इस प्रकार की घटनाओं का राजनैतिक फायदा लेना चाहती है। सरकार धर्मांतरण को रोकने के लिए कानूनी रास्ता क्यों नहीं अपनाती? टकराव रोकने के लिए कानून व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं करती है? धर्मांतरण पर कानून बनाने से डबल इंजन की सरकार क्यों कतरा रही है?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आज के बंद के लिए बंद को चेंबर के द्वारा दिया गया समर्थन भी अनेकों सवाल खड़ा करता है। चेंबर व्यापारिक एवं जनहित के मुद्दों पर आगे क्यों नहीं आती है? जीएसटी के नाम पर व्यापारी प्रताड़ित किये जाते है, चेंबर मौन रहता है। जमीनों की गाईडलाईन की बढ़ोत्तरी में चेंबर मौन रहता है। बिजली के दाम बढ़ोत्तरी पर चेंबर खामोश रहता है। बिगड़ती कानून व्यवस्था रोज हो रही लूट, चाकूबाजी पर चेंबर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता, लेकिन संघ के धर्मांतरण के एजेंडे पर चेंबर ने बंद का तत्काल समर्थन दे दिया। चेंबर के सदस्य व्यापारियों को इस समर्थन और संगठन के रवैये पर मंथन करना चाहिए।

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