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हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। सतनामी समाज छत्तिसगढ युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कमल कुर्रे ने कहा है कि समस्त सतनामी समाज छत्तीसगढ़ सरकार से यही अपील करता है कि छत्तीसगढ़ के नवीन विधानसभा के नाम अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम महिला सांसद समाज सेविका छत्तीसगढ़ के गुरुमाता मां मिनीमाता जी के नाम पर यथावत रखें, जिसे पूर्व छत्तीसगढ सरकार द्वारा माता जी के नाम से जितना था उतने को मिटाने के भरपूर कोशिश किये है जैसे पंडरी स्थित पुराना राष्ट्रीय बस स्टैंड जिसे भाठागांव में स्थापित करने के बाद उसका नाम हटा दिया, बांगो बांध जलाशय जो माता जी के अमिट निशानी है जिसे किसी के में दम नही जो माता जी के नाम हटा सके को हटाने के भरपूर प्रयास किये, छत्तीसगढ़ विधानसभा जो माता जी के नाम मे रहे है उनको भी हटाने के मंशा से अपने आकाओं के नाम व अपने नाम अंकित किये लेकिन माता जी के नाम नही दिए। ये सब जातिवादी मानसिकता को दर्शाती है।

माता जी कौन है क्या है वे आज कोई परिचय के मोहताज नही है, यही एकमात्र ऐसे राजनेत्री और समाज सेविका है जिनके नाम व पूजा स्मरण केवल सतनामी समाज ही नही बल्कि सर्व समाज और सर्व राष्ट्रीय पार्टी करती है, चाहे भाजपा हो या कांग्रेस हो या बहुजन सभी पार्टी उनके किये गए कार्यो को नजर में रखते हुवे उनको आज भी सम्मान पूर्वक नाम व याद करते है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री के मन मे जातिवादी का वजह से नाम हटाने के प्रयास किये गए।
अतः वर्तमान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, अनुसूचित जाति अध्यक्ष नेता व कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहब से अपील व निवेदन है कि आने वाले 01 नबम्बर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के 25वां वर्षगांठ में छत्तीसगढ़ सरकार नवीन विधानसभा भवन के उद्घाटन करने जा रहे है, तो भवन के नाम को यथावत जरूर रखे।



