March 7, 2026

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रमन सरकार झीरम में सुरक्षा नहीं दे पायी, अब की सरकार शहीदों की प्रतिमा को अपमानित कर रही है…

रमन सरकार झीरम में सुरक्षा नहीं दे पायी, अब की सरकार शहीदों की प्रतिमा को अपमानित कर रही है…

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। बस्तर में शहीद महेन्द्र कर्मा की मूर्ति के साथ की गयी अभद्रता की कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि शहीदों का अपमान भाजपा की पहचान बन चुकी है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार शहीद और शहादत के प्रति असम्मान की भावना के साथ काम कर रही है, जिन नेताओं ने छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में अपने प्राण तक कुर्बान कर दिए, उनके मेमोरियल का यह हाल है कि वहां पर शराबखोरी हो रही है, अमर शहीदों के मूर्तियों पर शराब की बोतले फोड़ी जा रही है। 2013 में रमन सिंह की सरकार थी, जिसने कांग्रेस के नेताओं की सुरक्षा में कटौती की जिसके परिणाम स्वरूप झीरम जैसा राजनैतिक नरसंहार हुआ, अब फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और इस सरकार के दुर्भावना के चलते शहीदों के स्मारक में शहीदों की प्रतिमाओं का अपमान हो रहा है। ज़रा भी नैतिकता बाकी है तो गृह मंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए या ऐसे निकम्मे गृह मंत्री को तत्काल बर्खास्त करे सरकार।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जिस बस्तर टाइगर शहीद स्व. श्री महेंद्र कर्मा जी ने नक्सलियों से ऐसा लोहा लिया कि नक्सली उनसे खौफ खाते थे, उनकी प्रतिमाओं के साथ में ऐसा दुर्व्यवहार केवल भाजपा की सरकार में ही संभव है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने शहीदों के सम्मान में जगदलपुर में झीरम घाटी शहीद स्मारक बनवाया, इस सरकार की उपेक्षा से यह शहीद स्मारक शराबियों का अड्डा बना दिया गया है। शहीदों की मूर्तियां खंडित की जा रही है, कई नेम प्लेट उखाड़ दिए गए हैं, पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक है कि इस मेमोरियल से महज सौ मीटर की दूरी पर पुलिस थाना और आईजी कार्यालय है तब यह हाल है। सरकार की अर्कमण्यता के चलते पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल है। भाजपा की सरकार न शहीदों का सम्मान करती है ना शहादत का। झीरम की सच को अब तक छुपाया जा रहा है, पीड़ित और प्रभावितों के बयान तक दर्ज नहीं किये, जांच की दिशा को जानबूझकर भटकाया जा रहा है, अब शहीदों के स्मारक पर भी बुरी नजर है।

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