October 27, 2026

Office Address

123/A, Miranda City Likaoli
Prikano, Dope

Phone Number

+0989 7876 9865 9

+(090) 8765 86543 85

Email Address

info@example.com

example.mail@hum.com

Politics State

स्वास्थ्य सेवाएं वेंटीलेटर पर, जांच, इलाज़ और दवा के लिए भटक रहे मरीज – कांग्रेस

स्वास्थ्य सेवाएं वेंटीलेटर पर, जांच, इलाज़ और दवा के लिए भटक रहे मरीज – कांग्रेस

टीबी मरीजों का निवाला तक छीन लिए, आयुष्मान भुगतान अटकाने से निजी अस्पतालों में इलाज अघोषित तौर पर बंद।

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। बदहाल हो चुकी चिकित्सा सेवाओं पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह वेंटीलेटर पर आ चुकी हैं। जिस सरकार को गरीबों की जान बचानी चाहिए थी, वह विज्ञापनों और झूठे दावों में व्यस्त है। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं, मरीज दर-दर भटक रहे हैं। विडंबना देखिए कि टीबी जैसे गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को मिलने वाली पोषण राशि तक सरकार रोक चुकी है। आयुष्मान योजना का भुगतान न होने से निजी अस्पतालों ने गरीबों का इलाज बंद कर दिया है और एनएचएम के कर्मचारी हड़ताल की दहलीज पर हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वास्थ्य सेवाओं का ऐसा काला दौर कभी नहीं देखा गया। गरीब जनता भगवान भरोसे है, डबल इंजन की सरकार में सिर्फ भ्रष्टाचार दौड़ रहा है, स्वास्थ्य सेवाएं नहीं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार आयुष्मान भारत और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं, जांच मशीनें धूल फांक रही हैं, और जीवन बचाने वाली दवाइयां गायब हैं। गरीब मरीज इलाज के लिए भटक रहा है और मजबूरी में कर्ज लेकर निजी अस्पतालों का रुख कर रहा है। निजी अस्पतालों का आयुष्मान योजना का करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित होने के कारण उन्होंने गरीबों का इलाज बंद या सीमित कर दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी सरकार की वादाखिलाफी के चलते हड़ताल की तैयारी में हैं, जिससे ग्रामीण और मैदानी इलाकों की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप होने की कगार पर हैं। सबसे शर्मनाक स्थिति यह है कि सरकार टीबी के गंभीर मरीजों तक को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत मिलने वाली पोषण आहार राशि समय पर नहीं दे पा रही है, जिससे टीबी उन्मूलन का राष्ट्रीय अभियान छत्तीसगढ़ में दम तोड़ रहा है। यह सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के गरीब, मजदूर, ग्रामीण और मध्यम वर्ग के जीवन पर हमला है। इलाज के अभाव में समय पर जांच और दवा न मिलने से मौतें हो रही हैं और आम आदमी कर्ज के दलदल में फंस रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान सुराजी गांव योजना, हाट बाजार क्लीनिक योजना, मोहल्ला क्लीनिक, शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत गरीबों को मुफ्त और सुलभ इलाज मिल रहा था। 2018 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग का इंफ्रा स्क्रक्चर 240 प्रतिशत बढ़ा था, जिला अस्पतालों को मल्टीस्पेशालिटी अस्पतालों में तब्दील किया गया, सभी ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों में भर्ती की सुविधाएं मुहैया कराई गई, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के नए पद भरे गए थे और व्यवस्था पटरी पर थी। भाजपा ने आते ही इस पुख्ता व्यवस्था को पटरी से उतार दिया है।

Share
Avatar
About Author

hariyarexpressnews

error: Content is protected !!