हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि
नकटी गांव में 85 आवास एवं प्रधानमंत्री आवास के मकानों की तोड़-फोड़ साय सरकार और भाजपा के गरीब विरोधी चेहरे को उजागर करता है।
नकटी की तोड़-फोड़ अमानवीय अनैतिक तो है ही यह तोड़-फोड़ गैरकानूनी भी है।
अमूमन मानवीय आधार पर बारिश के समय विस्थापन की कार्यवाही नहीं की जाती है, यह छत्तीसगढ़ में 10 जून से 15 जून मानसून आने का समय माना जाता है। इस समय के बाद राज्य के जमीनों का सीमांकन भी नहीं किया जाता है। नकटी गांव में तोड़-फोड़ की कार्यवाही 29 जून को की गयी है, जो पूरी तरह से गलत और गैरकानूनी प्रक्रिया है। इस कार्यवाही में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। सरकार कानूनी कार्यवाही नहीं करेगी तो हम इस मामले को लेकर कोर्ट भी जायेंगे।
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किसी भी विस्थापन की कार्यवाही के पहले व्यवस्थापन होना था, सरकार ने बिना व्यवस्थापन कार्य को पूरा किये वहां पर रह रहे लोगो को समान हटाने का अवसर दिये बिना तोड़-फोड़ किया, उनके घरो में बुलडोजर चलवाया।
जहां पर व्यवस्थापन किया जा रहा है, वह भी वर्तमान निवास से बहुत दूर है।
1 कमरे के घर में 20 से 25 सदस्यी परिवार को व्यवस्थापन दिया गया है। उनका गुजारा कैसे होगा?
वहां पर बिजली, पानी जैसी मूलभूत जरूरते भी नहीं है।
सरकार ने प्रभावितों को जो अस्थायी आवंटन पत्र दिया है उसके अनुसार 5.50 लाख, 8.50 लाख दो श्रेणी के मकान दिया है। इसका राशि का भुगतान कौन करेगा? इसको पूरा निःशुल्क क्यों नहीं किया गया?
कांग्रेस के आदिवासी विधायक जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नकटी में विधायक आवास लेने से मना कर दिया है। हमारी अनुसूचित जाति की महिला विधायक चातुरी नंद ने भी वहां पर आवास लेने से मना किया है, उनका कहना है वे भी गरीबों के आशियाना उजाड़ कर बनाये गये मकान पर अपना घर नहीं बसायेंगे।
हम, कांग्रेस और भाजपा के विधायकों से भी आग्रह करते है कि गरीबों की आह लेकर बनाई जा रही इस कॉलोनी में आवास लेने से मना करें।

सरकार के पास नये रायपुर में हजारों एकड़ खाली जमीने है। सरकार विभिन्न संस्थाओं कंपनियों को मुफ्त में 1 रू. फिट में जमीने देती है। वहां पर विधायक कालोनी क्यों नहीं बनाते है?
कांग्रेस पार्टी मांग करती है
सरकार अपनी गलती माने तोड़े गये मकानों को वहीं पर फिर से बनाकर दिया जाये।
मकानों को तोड़ने पर जो नुकसान हुआ है उसका मुआवजा सरकार दे।
सरकार इस अमानवीय कार्यवाही के दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करे।
मुख्यमंत्री में जरा भी नैतिकता है, वे अपने सरकार की गलती के लिये माफी मांगे तथा तत्काल आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी को बर्खास्त करें।

पत्रकार वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी, पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महामंत्री सकलेन कामदार, पूर्व विधायक अनीता शर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, राजेन्द्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, वंदना राजपूत, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह, प्रवक्ता अजय गंगवानी उपस्थित थे।



