आला हज़रत के उर्स की तैयारियां ज़ोरो पर, दुनियां भर से बरेली शरीफ पहुंचेंगे ज़ायरीन…

हरियर एक्सप्रेस न्यूज़, बरेली (यूपी)। उर्स-ए-रज़वी की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से पूरी दुनिया में पहुंच चुकी है। तमाम देशों के उलमा व ज़ायरीन बरेली शरीफ पहुंचने की तैयारी में हैं, मगर पाकिस्तान के ज़ायरीन इस बार भी नहीं आ रहे हैं। पहले बड़ी संख्या में पाकिस्तानी ज़ायरीन बरेली शरीफ आते थे।

इस बार सोशल मीडिया के माध्यम से तमाम पाकिस्तानियों ने उर्स में आने की इच्छा जताई है। भारत और पाकिस्तान के बीच हालात ठीक न होने के कारण अब दोनों देशों में आना-जाना आसान नहीं रहा है। पाकिस्तानियों की कोशिश हर बार उर्स में आने की रहती है, मगर आना नहीं हो पाता। वीजा प्रक्रिया इतनी कठिन है कि पूरा कर पाना मुश्किल है। इस बार तो पहलगाम की आतंकी घटना फिर ऑप्रेशन सिंदूर के बाद मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां को साउथ अफ्रीका, अस्ट्रेलिया, हॉलैंड, अमेरिका, मॉरिशस, मिस्र, दुबई, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल आदि देशों से ज़ायरीन के पहुंचने की जानकारी मिल रही है।
आला हज़रत दरगाह के नासिर कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तानी ज़ायरीन 2019 में आए थे। मगर इसके बाद किसी का आना नहीं हुआ है। दूसरे मुल्कों की तरह पाकिस्तान में आला हज़रत के मानने वाले काफी तादाद में हैं जो हर बार उर्स में आने की तमन्ना रखते हैं। अलबत्ता तमाम अकीदतमंद पाकिस्तान में ही आला हज़रत के उर्स की महफिल सजाते हैं। वहां भी इसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है।

उर्स-ए-रज़वी की तैयारियों को लेकर हुई चर्चा…
उत्तर प्रदेश के बरेली शरीफ में उर्स-ए-रज़वी के लिए आला हज़रत दरगाह पर टीटीएस के रज़ाकारों की बैठक दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रज़ा खान की सरपरस्ती में हुई। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि उर्स इस्लामिया मैदान पर सैयद आसिफ मियां की निगरानी में यह उर्स मनाया जाएगा।
ज़ायरीन के लिए दरगाह इंतजामियां व जिला प्रशासन की ओर से किए जाने वाले इंतजाम नाकाफी होते हैं। इसलिए शहरवासियों से अपील है कि वे इस साल भी ज़ायरीन के ठहराने और लंगर में सहयोग करें। दरगाह के नासिर कुरैशी, राशिद अली खान, हाजी जावेद खान, ताहिर अल्वी, शाहिद नूरी, अजमल नूरी, परवेज़ नूरी, मुजाहिद बेग, मंजूर रज़ा व अन्य लोग शामिल रहे।



