आंजनेय विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन 26 से 28 जून 2024 तक
• विषय : डी कोडिंग द चैलेंजेस ऑफ इंडियाज न्यू क्रिमिनल लॉ
• प्रोफेशनल, शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी ले सकते हैं भाग
• https://forms.gle/y5nGJhqxfkviUsHB6 दिए गए लिंक पर जाकर इस राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़ सकते हैं

हरियर एक्सप्रेस न्यूज़, रायपुर। भारत में नए कानूनी परिवर्तनों के संभावित प्रभावों का विश्लेषण करने के लिए आंजनेय विश्वविद्यालय द्वारा तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी थीम “Decoding the Challenges of India’s New Criminal Laws” रखी गई है। इस सम्मेलन का आयोजन 26 से 28 जून 2024 के बीच किया जाएगा। इस सम्मेलन के माध्यम से कानूनी विशेषज्ञ, न्यायिक अधिकारी, वकील, शिक्षक और विद्यार्थी भारतीय कानूनी बदलावों के प्रभाव को समझेंगे और उनका विश्लेषण करेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. टी रामाराव ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज को नए कानूनी परिवर्तनों के संभावित प्रभावों को समझने में मदद कराना है और चुनौतियों का समाधान ढूंढने में सहायता करना है। प्रतिकुलपति सुमित श्रीवास्तव ने कहा कि आपराधिक न्याय व्यवस्था से संबंधित तीनों नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (बीएनएसएस), भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता 2023 (बीएनएस) और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) अधिनियम 2023 एक जुलाई से लागू होंगे। कार्यक्रम के संयोजन एवं विभागाध्यक्ष पत्रकारिता एवं जनसंचार डॉ राहुल तिवारी ने कहा कि उक्त सम्मलेन का उदेश्य नई कानून व्यवस्था और उसके प्रावधानों से नागरिकों को परिचित कराना है।

डॉ. तिवारी ने बताया कि इस संदर्भ में आज सम्मेलन से जुड़ी जानकारी और पोस्टर साझा किया गया। उन्होंने आगे कहा कि दिए गए लिंक पर जाकर इस राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़ जा सकता है। https://forms.gle/y5nGJhqxfk
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