वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन व सतत् मॉनिटरिंग में घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस को मिली बड़ी सफलता।
मुख्य आरोपी दिनेश राव प्रार्थी के कंपनी में है कार्यरत।
घटना का मास्टर माइंड दिनेश राव ने लगभग एक माह पूर्व रची थी लूट की साजिश।
आरोपी ने अपने भाई एवं उसके साथी को शामिल कर घटना को दिया अंजाम।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से लूट की नगदी रकम 9,70,000/- (नौ लाख सत्तर हजार रूपये) किया गया है जप्त।
घटना में प्रयुक्त बर्गमेन वाहनएवं 01 नग मोबाईल फोन भी किया गया है जप्त।
जप्त मशरूका की कुल कीमत है लगभग 10,80,000/- (दस लाख अस्सी हजार रूपये)
आरोपियों के विरूद्ध थाना मंदिर हसौद में अपराध क्रमांक 286/26 धारा 309(4), 3(5) बीएनएस का अपराध किया गया है पंजीबद्ध।
एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना मंदिर हसौद पुलिस की संयुक्त कार्यवाही।
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हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। विवरण यह है कि प्रार्थी अतुल अग्रवाल ने थाना मंदिर हसौद में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह निर्माण (कंस्ट्रक्शन) का कार्य करता है तथा उसका कार्यालय समता कॉलोनी, रायपुर में स्थित है। वर्तमान में उसकी कंपनी का निर्माण कार्य सेक्टर-26, नया रायपुर में चल रहा है। दिनांक 16.06.2026 को प्रार्थी के कर्मचारी विद्यासागर डहरिया को अजय वर्मा द्वारा कंपनी के मजदूरों के भुगतान हेतु 10,00,000/- रुपये (दस लाख रुपये) एक काले रंग के बैग में दिए गए थे। विद्यासागर डहरिया उक्त राशि को समता कॉलोनी स्थित कार्यालय से अपनी मोटरसाइकिल द्वारा सेक्टर-26, नया रायपुर ले जा रहा था। शाम लगभग 06ः17 बजे जब वह रायपुर से सेरीखेड़ी के मध्य नया रायपुर जाने वाले मार्ग पर ओवरब्रिज के पास पहुंचा, तभी दोपहिया वाहन पर सवार दो अज्ञात व्यक्ति, जो अपने चेहरे स्कार्फ से ढके हुए थे, उसके पास आए और बैग लूटने का प्रयास करने लगे। जब वे बैग लूटने में सफल नहीं हुए, तब पीछे बैठे व्यक्ति ने अपने पास रखा चाकू निकालकर विद्यासागर डहरिया को डराया एवं धमकाया, भयवश विद्यासागर डहरिया ने अपनी मोटरसाइकिल रोक दी, जिसके बाद दोनों अज्ञात आरोपी नगदी राशि 10,00,000/- रुपये से भरा बैग लूटकर मौके से फरार हो गए। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध थाना मंदिर हसौद में अपराध क्रमांक 286/26 धारा 309(4), 3(5) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
लूट की घटना को पुलिस उपायुक्त (क्राईम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस अधीक्षक (रायपुर ग्रामीण) श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा द्वारा गंभीरता से लेते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं प्रभारियों को अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने निर्देशित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एवं साइबर यूनिट तथा थाना मंदिर हसौद पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। गठित टीमों द्वारा घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया तथा घटनास्थल से उपलब्ध सभी महत्वपूर्ण तथ्यों एवं साक्ष्यों का संकलन किया गया। जांच के दौरान एक टीम द्वारा प्रार्थी तथा पीड़ित विद्यासागर डहरिया से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान घटना की परिस्थितियों, रकम के आवागमन, कर्मचारियों की भूमिका एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं के संबंध में जानकारी एकत्रित की गई। वहीं दूसरी टीम द्वारा घटनास्थल एवं उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्मता से परीक्षण एवं विश्लेषण किया गया। आरोपियों द्वारा घटना के बाद भागने हेतु जिन मार्गों का उपयोग किया गया था, उन सभी संभावित मार्गों को चिन्हित कर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। साथ ही घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन की पहचान एवं उसके स्वामी का पता लगाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, कंपनी में कार्यरत सभी कर्मचारियों के रिकॉर्ड के परीक्षण तथा हजारों सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन उपरांत टीम को कंपनी के कर्मचारी दिनेश राव की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। पूछताछ के दौरान वह बार-बार अपने बयान बदल रहा था। प्राप्त साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर दिनेश राव ने उक्त लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।
पूछताछ में आरोपी दिनेश राव ने बताया कि वह वर्ष 2022 से प्रार्थी की कंपनी में ऑफिस बॉय के रूप में कार्यरत है। उसे कंपनी की नगदी राशि के लाने-ले जाने संबंधी जानकारी रहती थी। आरोपी ने बताया कि प्रार्थी ने बैंक से लगभग 20 लाख रुपये का ऋण लिया हुआ है। प्रार्थी पर अधिक कर्ज होने के कारण उसने कंपनी की नगदी राशि लूटने की योजना लगभग एक माह पूर्व बनाई तथा अपनी इस योजना में अपने भाई (बुआ के पुत्र) एवं उसके एक साथी को शामिल किया। इसके बाद वह उपयुक्त अवसर की तलाश में था। घटना के दिन कंपनी का कर्मचारी विद्यासागर डहरिया 10 लाख रुपये नगद एक बैग में लेकर कार्यालय से निकला। इसकी जानकारी दिनेश राव को थी। विद्यासागर कार्यालय से निकलकर अपनी मोटर सायकल से नगदी राशि वाला बैग लेकर जा रहा था, तभी दिनेश राव अपनी दोपहिया वाहन से उसका पीछा करने लगा। उसने अपने भाई को फोन कर बुलाया, जिसके बाद उसका भाई अपने एक मित्र के साथ दोपहिया वाहन से वहां पहुंचा। दिनेश राव ने अपने भाई एवं उसके साथी को विद्यासागर की पहचान कराई। इसके बाद दोनों ने विद्यासागर का पीछा किया तथा घटनास्थल के पास चाकू दिखाकर उससे नगदी राशि लूट ली। इस दौरान दिनेश राव और उसके भाई के बीच लगातार मोबाइल फोन पर संपर्क बना रहा। लूट की घटना को अंजाम देने के बाद दिनेश राव ने अपने भाई को अमलेश्वर बुलाया। वहां तीनों मिले, जहां दिनेश राव ने अपने भाई एवं उसके साथी से बैग सहित 10 लाख रुपये नगद प्राप्त किए। उक्त राशि में से उसने दोनों को 30,000 रुपये दिए तथा शेष 9,70,000 रुपये (नौ लाख सत्तर हजार रुपये) स्वयं अपने पास रख लिया।
मुख्य आरोपी दिनेश राव की निशानदेही पर कब्जे से लूट की नगदी रकम 9,70,000/- (नौ लाख सत्तर हजार रूपये) तथा घटना में प्रयुक्त बर्गमेन वाहन क्रमांक सी जी 04 क्यू के 6037 एवं 01 नग मोबाईल फोन जुमला कीमती लगभग 10,80,000/- (दस लाख अस्सी हजार रूपये) जप्त कर आरोपी के विरूद्ध कार्यवाही किया गया। प्रकरण में फरार अन्य 02 आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु प्रयास की जा रहीं है, शीघ्र ही उनकी गिरफ्तारी की जायेगी।

गिरफ्तार आरोपी – दिनेश राव पिता स्व. श्याम राव उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम सिरौलमू थाना छत्तरपुर बरमपुर जिला गंजाम उडीसा। हाल पता – चौबे कॉलोनी प्रगति कॉलेज के पास थाना सरस्वती नगर रायपुर।



