March 7, 2026

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बागबाहरा में मातृ-पितृ दिवस एवं शिशु नगरी कार्यक्रम आयोजित, बच्चों ने माता-पिता पूजन कर दिया संदेश…

बागबाहरा में मातृ-पितृ दिवस एवं शिशु नगरी कार्यक्रम आयोजित, बच्चों ने माता-पिता पूजन कर दिया संदेश…

हरियर एक्सप्रेस, बागबाहरा। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय के सभाकक्ष में मातृ-पितृ दिवस एवं शिशु नगरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भैया-बहनों में माता-पिता के प्रति कर्तव्य का बोध कराना तथा आधुनिक समाज की बढ़ती कुरीतियों के दुष्प्रभाव से बचाना रहा।

प्राचीन मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश ने अपने माता-पिता की पूजा एवं परिक्रमा कर उनकी कृपा प्राप्त की, जिससे वे सर्वदेवों में श्रेष्ठ बने। इसी परंपरा को जीवंत करते हुए 14 फरवरी को माता-पिता पूजन दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि तोमेश्वरी साहू (आचार्य, कसेकेरा ग्रामीण विद्यालय एवं जिला शिशु वाटिका प्रमुख) रहीं। अध्यक्षता ममता जगत (धर्मपत्नी शिवा जगत, पार्षद वार्ड नं. 14) ने की, जबकि विशेष अतिथि उमा यादव एवं जानकी चंद्राकर उपस्थित रहीं।

मुख्य अतिथि श्रीमती साहू ने अपने उद्बोधन में उपस्थित अभिभावकों को संबोधित करते हुए अत्यंत सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की पाँच अवस्थाएँ होती हैं, जिनमें बाल्यकाल सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी काल में दिए गए संस्कार व्यक्ति के सम्पूर्ण जीवन की दिशा और दशा निर्धारित करते हैं। यदि बचपन में अच्छे संस्कार मिल जाएँ, तो आगे चलकर वही बालक एक आदर्श नागरिक, श्रेष्ठ परिवार सदस्य और जिम्मेदार समाजसेवी बनता है।

उन्होंने आगे कहा कि पढ़ाई तो लगभग सभी विद्यालयों में कराई जाती है, परंतु केवल पाठ्य पुस्तकों का ज्ञान ही जीवन की सफलता का आधार नहीं बन सकता। वास्तविक शिक्षा वह है, जो ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का बोध कराए।

अपने उद्बोधन में उन्होंने विशेष रूप से सशिमं की शिक्षा पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था विद्यार्थियों को केवल अंक प्राप्त करने की दौड़ में नहीं लगाती, बल्कि उन्हें संस्कारवान, विनम्र, कर्तव्यनिष्ठ और राष्ट्रप्रेमी बनाने का सतत प्रयास करती है। यहाँ शिक्षा का उद्देश्य केवल बुद्धि का विकास नहीं, बल्कि मन, मस्तिष्क और व्यवहारकृतीनों का संतुलित निर्माण है।

अंत में उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे भी विद्यालय के साथ समन्वय बनाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहभागी बनें, क्योंकि घर और विद्यालयकृदोनों के संयुक्त प्रयास से ही एक उज्ज्वल, संस्कारित और सशक्त पीढ़ी का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम का शुभारंभ सम्माननीय अतिथियों ने मां सरस्वती, ओम एवं मां भारती के फोटो पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया। आचार्य मेघा डहरवाल ने उपस्थित अभिभावकों को शिशु वाटिका के बारे में जानकारी दी। मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम आचार्य मिथलेश साहू ने संचालित किया।

शिशु नगरी के अंतर्गत छोटे भैया-बहनों ने सुंदर झांकियों का प्रदर्शन किया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आभार प्रदर्शन आचार्य तोजेश्वरी साहू ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त आचार्यों एवं दीदियों का सहयोग रहा।

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