
हरियर एक्सप्रेस, बिलासपुर। मामला थाना सरकंडा डॉ. यादव ने अपोलो अस्पताल में 2006 में पूर्व विधान सभा अध्यक्ष पं. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की सर्जरी की, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने डॉ. यादव और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धारा 420, 466, 468, 471, 304, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में अन्य मरीजों, जैसे स्व. स्वामी भगत राम डोडेजा, की मौत को भी शामिल किया गया है। यह मामला चिकित्सकीय लापरवाही से ज्यादा क्रूर अपराधिक मानव वध का प्रतीत होता है, और सख्त कार्रवाई की जा रही है। फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव (उर्फ डॉ. एन. जॉन कैम) को जिला जेल दमोह से गिरफ्तार कर बिलासपुर लाया गया है। यह मामला 2006 का है, जब उन्होंने अपोलो अस्पताल, बिलासपुर में कार्य करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पं. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की, जिसके 18 दिन बाद 20 अगस्त 2006 को उनकी मृत्यु हो गई थी। जांच में पता चला कि डॉ. यादव की डीएम कार्डियोलॉजी की डिग्री फर्जी थी और छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में उनका पंजीयन नहीं था, जिससे उन्हें सर्जरी करने का अधिकार ही नहीं था।
कानूनी कार्रवाई –
थाना सरकंडा, बिलासपुर में अपराध क्रमांक 563/2025 दर्ज किया गया है, जिसमें डॉ. यादव और अपोलो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 466, 468, 471 (जाली दस्तावेज), 304 (गैर-इरादतन हत्या), और 34 (सामूहिक जिम्मेदारी) भादवि के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस वैज्ञानिक और तथ्यात्मक साक्ष्य एकत्र कर रही है ताकि डॉ. यादव को कठोर दंड दिलाया जा सके।
अन्य मौतें और जांच –
डॉ. यादव के कार्यकाल के दौरान अन्य मरीजों की मौत की भी जांच की जा रही है, जिसमें स्व. स्वामी भगत राम डोडेजा की मृत्यु भी शामिल है। अस्पताल प्रबंधन के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है, और दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है।



