बिना दूध तैयार किया जाता था नकली पनीर, 2500 किलो नकली पनीर जप्त, बनाने की अंदाज देख अधिकारी भी हो गए हैरान, फैक्ट्री सीज…

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। नए साल के जश्न में अगर आप पनीर खाने का प्लान बना रहे हैं तो यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 2500 किलो नकली पनीर बरामद किया गया है। सोमवार को खाद्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली पनीर बरामद किया है। इस पनीर को नए साल के मौके पर रायपुर के अलग-अलग होटलों में खपाने की तैयारी की जा रही थी।

मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी रायपुर के बीरगांव इलाके में खाद्य विभाग की टीम ने काशी एग्रो फूड्स फैक्ट्री छापा मारकर। 2500 किलो नकली पनीर बरमाद किया। अधिकारियों ने बताया कि यह पनीर लोगों के सेहत के लिए नुकसानदेह है। इसे खराब क्वालिटी के तेल और केमिकल से तैयार किया गया है। फिलहाल कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। बता दें कि नए साल के जश्न को देखते हुए खाद्य विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि इस पनीर को बनाने में दूध की एक बूंद भी नहीं उपयोग की गई। यह खराब क्वालिटी के तेल और नुकसानदेह केमिकल से बना है। करीब चार घंटे की छापेमारी में टीम को फैक्ट्री के अंदर कई कैमिकल मिल हैं।

यह पनीर डालडा, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, स्कीम मिल्क पाउडर मिलाकर बनाया गया था। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि कैमिकल मिलाकर ही पनीर का निर्माण किया गया है।
छापेमारी के दौरान टीम को फैक्ट्री के कई दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर, प्रोडक्ट में शामिल इंग्रेडिएंट्स के बारे में जानकारी मिली है। टीम ने इस फैक्ट्री से पैकेजिंग से जुड़े दस्तावेज और कई तरह के सामान को बरामद किया है। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि संचालक के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
मिलावटखोरी लोगों की जान के लिए खतरा है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। त्योहारों के सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। विभाग सभी फैक्ट्रियों, दुकानों व खाद्य निर्माण स्थलों पर विशेष निगरानी रख रहा है। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की खबर फौरन प्रशासन को दें।
मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई व्यक्ति नकली या मिलावटी सामान बनाते या बेचते पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मिलावटखोरी से न सिर्फ लोगों के सेहत पर बुरा असर पड़ता है। बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी नुकसानदेह है।
पूरी कार्यवाही में खाद्य एवम औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रक चंदन कुमार के निर्देशन में की गई टीम में सहायक आयुक्त मोहित बेहरा, नितेश मिश्रा , खाद्य सुरक्षा अधिकारी राखी ठाकुर, खीर सागर पटेल, अजित बघेल, संतीश राज और एमएफ टीएल स्टाफ में प्रकाश परमार लैब स्टाफ आदि शामिल थे।



