छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश: गरियाबंद में बाढ़ जैसी स्थिति, रायपुर में सड़कें जलमग्न, रेल व हवाई सेवाएं प्रभावित…
हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। छत्तीसगढ़ में जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर संभाग तक लगातार हो रही वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है। मौसम विभाग ने आंध्र-ओडिशा तट पर बने ‘डीप डिप्रेशन’ को देखते हुए प्रदेश के 17 जिलों में ऑरेंज और 11 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ अतिवृष्टि और वज्रपात की आशंका जताई गई है।

प्रमुख शहर और जमीनी हालात:
0 गरियाबंद व दक्षिण छत्तीसगढ़: गरियाबंद क्षेत्र में बीते 24 घंटों में 200 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिससे एक दशक पुरानी भयावह बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। सिकासार बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 15,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सुकमा और बीजापुर के कई ग्रामीण इलाके कटकर टापू बन चुके हैं।

0 रायपुर व बालोद: रायपुर के विधानसभा क्षेत्र, सुंदर नगर और महादेवघाट मार्ग पानी में डूब गए हैं। बालोद जिले में NH-30 स्थित मरकाटोला घाट पर पहाड़ से मलबा और चट्टानें गिरने के कारण मार्ग आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है, जहां जेसीबी की मदद से यातायात सुचारू करने का प्रयास जारी है।

0 धमतरी (बांधों की स्थिति): गंगरेल डैम का जलस्तर 98% से अधिक होने के बाद उसके 10 गेट खोल दिए गए हैं, जहां से महानदी में लगभग 54,950 क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा है। इसके साथ ही मुरुमसिल्ली, दुधावा और सोदूर बांधों से भी लगातार जल निकासी जारी है।

यातायात और शैक्षणिक संस्थानों पर असर:
0 यातायात ठप: रायगढ़ मंडल के अंतर्गत ट्रैक पर भूस्खलन होने के कारण किरंदुल-विशाखापट्टनम रूट की दो प्रमुख ट्रेनें (पैसेंजर और एक्सप्रेस) रद्द कर दी गई हैं। वहीं, खराब मौसम की वजह से जगदलपुर-हैदराबाद हवाई सेवा भी स्थगित रही।
0 परीक्षाएं व स्कूल स्थगित: बस्तर, गरियाबंद, कांकेर और बालोद जिलों में सभी शासकीय व निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा, कई जिलों में आयोजित होने वाली त्रैमासिक परीक्षाओं को सुरक्षा के लिहाज से टाल दिया गया है।
प्रशासनिक तैयारी:
इंद्रावती और महानदी के तटीय क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा मुनादी कराकर मुनासिब चेतावनी दी जा रही है। कलेक्टरों ने आपदा प्रबंधन टीमों (होमगार्ड व राजस्व अमले) को अलर्ट मोड पर रखा है। संवेदनशील पुल-पुलियों और उफनते रपटों पर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग कर निगरानी दल तैनात कर दिए गए हैं।



