सरकार तबादला नीति घोषित क्यों नहीं कर रही है?

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। भाजपा सरकार ने विभिन्न विभागो से 3 वर्षो से अधिक समय तक अधिकारी, कर्मचारी एक जगह पदस्थ है उनकी सूची मगवायी है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वसूली और भयादोहन करने 3 वर्ष से पदस्थ कर्मचारियों की सूची बनाई जा रही है। यह इस बात का संकेत है कि सरकार तबादला के नाम से एक बार फिर उद्योग शुरू करने जा रही है। अमूमन जून माह के अंत में सरकार के द्वारा कुछ दिनों के लिये तबादलो को खोला जाता है, और जिस कर्मचारी की जैसी आवश्यकता होती है कि मसलन की पति, पत्नी एक जगह जाना चाहते है या कोई पारिवारिक समस्या होता है उस हिसाब से तथा कुछ प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार तबादला होता है। लेकिन भाजपा सरकार अभी तक तबादला नीति नहीं बना पाई है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार अपनी तबादला नीति घोषित क्यों नहीं कर रही है? सरकार के द्वारा सिर्फ भ्रष्टाचार करने का रास्ता खोजा जा रहा है। वैसे भी भाजपा राज में प्रदेश के विभिन्न विभागो में रोज तबादले हो रहे है, सालभर, प्रतिदिन हर विभाग में 2 दर्जन, 3 दर्जन, 4 दर्जन तक तबादले एक-एक विभागो में हो रहे है। शिक्षा विभाग ऐसा है जब पैसा की जरूरत पड़ती है तब तबादला किया जाता है। फिर उसके बाद उसको रद्द करने के लिये फिर पैसा लिया जाता है। भाजपा राज में कर्मचारियो के तबादला एक मुसीबत बन गया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार को घोषित और पारदर्शी तबादला नीति बनानी चाहिये, ताकि कर्मचारी उस अनुसार अपना तबादला करवा सके। सरकार में बैठे लोग तबादले की आड में भयादोहन करना बंद करे। प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था बिगड़ने का एक बड़ा कारण सरकार की नीतियां है।



