यूपी में स्मार्ट मीटर बदले गये तो छत्तीसगढ़ में क्यो नही?

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनजंय सिंह ठाकुर ने स्मार्ट मीटर बदलने की मांग करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर से स्मार्ट तरीके से जनता की जेब खाली की जा रही है। स्मार्ट मीटर को जनता अब खुद उखाड़ कर फेकने लगी है। स्मार्ट मीटर के कारण लोगों को लाखों का बिल भेजा रहा है। जिनके घरों में स्मार्ट मीटर लगने के पहले 300 रु. 400 रु. महीना का बिल आता था उन्हें अब 2500 रु. से 4000 रु. तक बिल भेजा जा रहा है। कई उपभोक्ताओं को हजारों एवं लाखो का बिल थमाया गया है। रायपुर के एक उपभोक्ता को 903817 रु का बिल दिया गया है। बिजली के बिल को लेकर जनता भारी तनाव में है। ऐसे में सरकार को अड़ियल रवैया त्याग कर जनता की आवाज सुननी चाहिये। मीटर टेस्टिंग में भी स्मार्ट मीटर फैल हो गया है। स्मार्ट मीटर और सामान्य मीटर की रिडिंग में भारी अंतर पकड़ी गई है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनजंय सिंह ठाकुर ने कहा स्मार्ट मीटर उपभोक्ता की बिना सहमति से लगाया गया है। जनता अब स्मार्ट मीटर के खिलाफ है तो स्मार्ट मीटर बदला जाये। यूपी में भाजपा सरकार ने स्मार्ट मीटर बदल दिया स्मार्ट मीटर से हुई बड़ी वसूली को जनता को वापस कर रही है, फिर छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर क्यो बदला नही जा रहा है?

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार महतारी वंदन योजना से महिलाओं को एक हजार रुपया महीना देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का दावा करती है वही बाबुओं के जेब से हजारों रुपए बिजली बिल से वसूल रही है। स्मार्ट मीटर महतारी वंदन वसूली मीटर बन गया है। कांग्रेस मांग करती है स्मार्ट मीटर तत्काल हटाया जाये।



