नकटी गाँव के लोगों फूटा गुस्सा, मुख्यमंत्री साय और मंत्री ओपी चौधरी के निवास का किया घेराव…
हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। राजधानी के नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई से बेघर ग्रामीणों ने जमीन, मुआवजा और एफआईआर वापसी की मांग उठाई, 5 दिन का अल्टीमेटम देकर लौटे आंदोलनकारी नकटी गांव के विस्थापित ग्रामीण पहले मंत्री ओपी चौधरी के बंगले पहुंचे और वहां अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मुख्यमंत्री निवास के बाहर पहुंच गए, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में मौजूद रहे।
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नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विरोध देर रात मुख्यमंत्री निवास तक पहुंच गया। प्रभावित ग्रामीणों ने जमीन वापसी, मकानों का उचित मुआवजा और दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कलेक्टर से वार्ता और मांगों को शासन तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ, लेकिन ग्रामीणों ने सरकार को पांच दिन का अल्टीमेटम भी दे दिया।

सीएम हाउस तक पहुंचा आंदोलन
नकटी गांव के विस्थापित ग्रामीण पहले मंत्री ओपी चौधरी के बंगले पहुंचे और वहां अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मुख्यमंत्री निवास के बाहर पहुंच गए, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई।
कलेक्ट्रेट से सीएम हाउस तक बढ़ा विरोध…
इससे पहले ग्रामीण रायपुर कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे थे। प्रशासनिक स्तर पर बातचीत नहीं बनने के बाद आंदोलन मुख्यमंत्री निवास तक पहुंच गया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सीएम हाउस के सामने ही भोजन किया। पुलिस द्वारा हटाने की कोशिश पर प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताते हुए कहा कि उनके घर तोड़े जा चुके हैं और अब उन्हें भोजन करने से भी रोका जा रहा है।

तीन प्रमुख मांगों पर अड़े ग्रामीण
प्रभावित परिवारों ने साफ कहा कि उनकी पहली मांग जमीन वापस दिलाने की है। दूसरी मांग बुलडोजर कार्रवाई में टूटे मकानों का उचित मुआवजा और तीसरी मांग आंदोलन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की है। ग्रामीणों का कहना है कि इन मांगों के बिना उनका आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं माना जाएगा।
कलेक्टर से हुई वार्ता…
स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने 10 महिला प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए बुलाया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने अपनी मांगों को विस्तार से रखा। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इसी भरोसे के बाद देर रात प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।

कांग्रेस ने दी अगली लड़ाई की चेतावनी…
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं निकला तो मामला राज्यपाल तक ले जाया जाएगा। वहां भी कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन और छत्तीसगढ़ बंद की रणनीति बनाई जाएगी। ग्रामीणों ने सरकार को पांच दिन का समय दिया है।
बुलडोजर कार्रवाई बनी विवाद की जड़…
चार दिन पहले नकटी गांव में प्रशासन ने लगभग 80 मकानों पर बुलडोजर चलाया था। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को ईडब्लूएस आवास उपलब्ध कराए गए हैं, हालांकि ग्रामीणों का दावा है कि सभी परिवारों को पुनर्वास नहीं मिला। वहीं हाउसिंग बोर्ड के अनुसार 77 लोगों द्वारा करीब 15 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण किया गया था, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।



