हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। पीएम सूर्य घर योजना के हजारों जनता को अप्रैल माह के मनमाने बिजली बिल भेजने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार ने सूर्य घर योजना को आम बिजली उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी बताकर हजारों उपभोक्ताओं के घर पर लाखों रुपया खर्च कराकर सोलर पैनल लगवाया गया और उपभोक्ताओं को कहा गया कि अब वह बिजली उत्पादन करेंगे। जिसे बिजली विभाग खरीदी करेगी। जिससे उपभोक्ता को लाभ होगा और उनका बिजली बिल शून्य होगा लेकिन मार्च महीने में 1 साल तक उत्पादित बिजली की लाभांश देने के बजाय बिजली विभाग ने सूर्य घर योजना के हजारों उपभोक्ताओं को जिन्होंने 1 साल में 200 यूनिट से 2000 यूनिट तक की बिजली उत्पादित कर बचत की है। उन्हें अब अप्रैल माह में 2000 रु. से लेकर 20,000 रु. तक की बिजली का बिल दिया गया। बिल भरने कहा गया, यह सरासर धोखा सूर्य घर योजना के उपभोक्ताओं के साथ हुआ है।
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प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सूर्य घर योजना के उपभोक्ताओं को अप्रैल माह में हजारों रुपए का बिजली का बिल जब आया तब वह विभाग के अधिकारियों से संपर्क किये कि वह तो बिजली उत्पादन करने वाले उपभोक्ता हैं। हजारों यूनिट बिजली उत्पादन कर बिजली विभाग को दिया है। जिनका लाभांश मार्च माह में मिलना था। लेकिन यह तो अप्रैल माह में हजारों रुपए का बिल उनको दिया गया है। तब बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से कहा कि सूर्य घर योजना के उपभोक्ताओं को लाभांश देने के लिए कोई गाइड लाइन तय नहीं हुई है। न ही इस संबंध में उन्हें जानकारी दी गई है। इसलिए वह किसी प्रकार से मदद नहीं कर सकते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है सरकार ने सूर्य घर योजना शुरू की तो क्या उपभोक्ताओं को उसके लाभांश की राशि कैसे मिलेगी? इसके लिए कोई नियम कायदे नहीं बनाए हैं? क्या सूर्य घर योजना से लाभ का दावा सिर्फ हवा हवाई है? ऐसे में सरकार की बचत के दावे खोखले और दिखावे साबित होते हैं। सूर्य घर योजना की जनता के साथ ठगी हुई है। कांग्रेस मांग करती है कि सूर्य घर योजना के जो उपभोक्ता है जिन्होंने हजारों यूनिट बिजली उत्पादित कर बिजली विभाग को दिए हैं। उन्हें तत्काल लाभांश की राशि दिया जाए और अप्रैल माह में हजारों रुपए का बिल भेजा गया है उसे रद्द किया जाए।




