आटो/ई-रिक्शा वाहनों में क्यू आर कोड लगाने, की गयी शुरूआत…
15 दिनों में 15047 ई-रिक्शा वाहनों के ऑनलाईन पंजीयन कार्य हुआ गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में दर्ज।
यातायात, साइबर, महिला सुरक्षा जागरूकता संबंधी फिल्मों का किया गया स्क्रीनिंग, प्रचार हेतु किया गया जारी।
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हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। दिनांक 27.06.2026 को यातायात कार्यालय परिसर कालीबाड़ी में डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस कमिश्नर रायपुर द्वारा शहर के ट्रॉसपोर्ट सिस्टम के प्रमुख भागीदार आटो/ई-रिक्शा वाहनों में आवागमन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में किए गए पंजीयन के उपरांत दूसरे चरण में क्यू आर. कोड. चस्पा का शुभारंभ किया। किसी भी जिले की यातायात व्यवस्था की पहचान उस शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर निर्भर करता है। इसी परिप्रेक्ष्य में दिनांक 20 मई 2026 को प्रथम चरण में आटो /ई-रिक्शा का पंजीयन शुभारंभ किया गया था आज द्वितीय चरण में ई-रिक्शा क्यू आर कोड चस्पा का शुभारंभ किया गया। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस का मुख्य उद्देश्य शहर एवं बाहर से आने वाले जनता को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ट्रांसपोर्ट सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराना है। आटो यूनियन के पदाधिकारियों, आटो चालकों एवं यातायात पुलिस के समन्वित प्रयासों से 15 दिन में 15047 आटो/ई-रिक्शा का पंजीयन कार्य पूर्ण किया गया था। क्यू आर कोड सभी आटो/ई-रिक्शा में चस्पा किया जाएगा। नागरिक गण आटो/ई-रिक्शा में जाने से पहले या सवार होकर गुगल में कैमरे से क्यू आर कोड स्कैन कर वाहन चालक की संपूर्ण जानकारी देख सकता है। आटो/ई-रिक्शा वाहनों में कई बार अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की सूचना प्राप्त होती है। इन वाहनों में क्यू आर कोड लगने से नागरिकों में सुरक्षा की भावना जागृत होगी। सवारी क्यू आर कोड का फोटो खींच कर रख सकता है, कई बार सामान भूल जाने की स्थिति में क्यू आर कोड से वाहन मालिक से संपर्क करना आसान होगा। बिना क्यू आर कोड लगे आटो/ई-रिक्शा में यात्रा करना असुरक्षित हो सकता है इसलिए क्यूआरकोड लगे आटो /ई-रिक्शा वाहनों का ही उपयोग करें।

रायपुर जिला पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के अंतर्गत चलने वाले वाहनों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन करने वाला देश का पहला जिला है जिन्होने मात्र 15 दिवस में 15047 आटो/ई-रिक्शा वाहनों का रजिस्ट्रेशन कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। जनसुरक्षा से जुड़े इस उपलब्धि पर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्डस की टीम द्वारा सर्टिफिकेट एवं मेडल प्रदान किया गया। इस पहल से शहर में संचालित होने वाले आटो/ई-रिक्शा की वास्तविक जानकारी प्राप्त हो सकी। अगले चरण में आटो/ई-रिक्शा चालकों को परिचय पत्र एवं आटो स्टैण्ड का चिन्हांकन कर सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस के इस पहल से न केवल यातायात का अनुशासन स्थापित होगा साथ ही साथ अपराध नियंत्रण में भी सहयोगी सिद्ध होगा।

पुलिस कमिश्नर के मार्गदर्शन में यातायात, साइबर, महिला अपराध, सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता हेतु बनाए गए शार्ट फिल्म का स्क्रीनिंग किया गया। इन शार्ट फिल्मो को जनजागरूकता हेतु सोशल मीडिया एवं शहर के एल.ई.डी. स्क्रीन, मॉल, पीवीआर के माध्यम से जन-जन तक पहुॅचाया जाएगा। इस प्रयास से निश्चित रूप से लोगों में अनुशासन एवं जागरूकता की भावना जागृत होगी, सुरक्षा संबल होगा। उक्त कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि श्री अमित तुकाराम कांबले अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर, श्री मयंक गुर्जर डीसीपी उत्तर, श्री संदीप पटेल डीसीपी पश्चिम, श्री स्मृतिक राजनाला डीसीपी क्राइम, श्रीमती अर्चना झा एडीसीपी मुख्यालय, श्री विवेक शुक्ला डीसीपी ट्राफिक एवं प्रोटोकॉल , समस्त एसीपी यातायात के साथ श्री नारायण हास्पिटल के सीईओ श्री युवराज खेमका, विश्व गीता इस्पात लिमिटेड से श्री सुधीर सुल्तानियॉ, हीरा इस्पात लिमिटेड से श्री प्रकाश अग्रवाल, सागर टीएमटी से श्री पंकज अग्रवाल , आटो यूनियन के पदाधिकारीगण श्री कमल पांडेय, श्री नारायण सोनी सहित अन्य तथा यातायात के अधिकारी कर्मचारी उपिस्थत थे।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती सीमा अहिरवार सहायक पुलिस आयुक्त यातायात कमिश्नरेट रायपुर द्वारा आभार व्यक्त किया।



