March 20, 2026

Office Address

123/A, Miranda City Likaoli
Prikano, Dope

Phone Number

+0989 7876 9865 9

+(090) 8765 86543 85

Email Address

info@example.com

example.mail@hum.com

State

165 करोड़ रुपये के यस बैंक घोटाले की जांच अब CBI के हवाले…

165 करोड़ रुपये के यस बैंक घोटाले की जांच अब CBI के हवाले…

हाई कोर्ट का आदेश: राज्य सरकार की जांच पर जताई कड़ी नाराजगी।

हरियर एक्सप्रेस, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 165 करोड़ रुपये के भिलाई यस बैंक घोटाले की जांच के लिए सीबीआई को निर्देश जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार की जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए यह आदेश जारी किया है।

मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार की जांच प्रक्रिया पर असंतोष जताते हुए कहा, घोटाले में तथ्यों को छुपाने और जांच के नाम पर लीपापोती की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यस बैंक द्वारा जांच में अपेक्षित सहयोग ना करने को लेकर भी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने दोटूक कहा, निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी CBI जांच एकमात्र विकल्प है। लिहाजा पूरे घोटाले की सीबीआई से जांच कराई जाए।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अध्यक्षता वाली पीठ ने दुर्ग भिलाई एसपी को निर्देशित किया है, मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, एफआईआर और काउंटर एफआईआर सहित पूरी जानकारी सीबीआई को सौंप दी जाए। कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को नई एफआईआर दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं। अनिमेष सिंह के द्वारा की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट और हितेश चौबे के द्वारा किए गए काउंटर प्रथम सूचना रिपोर्ट की संपूर्ण जानकारी सीबीआई को देने कहा गया है।

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्वाभिमान पार्टी का उल्लेख किया है। याचिकाकर्ता प्रभुनाथ मिश्रा द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और कार्यवाहियों का भी विस्तृत जिक्र कोर्ट ने किया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता बीपी सिंह ने पैरवी की, और अधिवक्ता सतीश कुमार त्रिपाठी पूरे मामले में सहयोगी रहे।

याचिकाकर्ता प्रभुनाथ मिश्र ने बताया कि हाई कोर्ट में अधिवक्ता सतीश कुमार त्रिपाठी द्वारा अपराधिक रिट याचिका दाखिल की गई थी। वरिष्ठ अधिवक्ता बादशाह प्रसाद सिंह मामले के साथ संलग्न रहे। यस बैंक सुपेला शाखा भिलाई द्वारा अनिमेष सिंह के नाम पर खोले गए खाते में प्रत्येक लेनदेन का नाम सहित संपूर्ण विवरण देने कहा गया था। किंतु यस बैंक द्वारा जानकारियां न सिर्फ छुपाई गई बल्कि मनमाने ढंग से शासन की जांच के समक्ष दी गई। सरकार की जांच भी केवल पोस्टमैन की तरह लिखा पढ़ी कर चल रही थी। इस कारण चीफ जस्टिस ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है।

Share
Avatar
About Author

hariyarexpressnews

error: Content is protected !!