March 7, 2026

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जमानत मिलने के बाद कवासी लखमा को बजट सत्र में शामिल होने की मिली अनुमति…

जमानत मिलने के बाद कवासी लखमा को बजट सत्र में शामिल होने की मिली अनुमति…

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र- 23फरवरी से शुरू हो रहा है। इस सत्र में पूर्व मंत्री कवासी लखमा भी हिस्सा ले सकेंगे। हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ सत्र में उपस्थित होने की अनुमति दी है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 23 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से बजट सत्र की शुरुआत होगी। 24 फरवरी को वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे और 25 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। यह बजट सत्र 20 मार्च तक चलेगा।

शराब घोटाला मामले में जमानत के बाद मिलेगी सत्र में उपस्थिति की अनुमति…

डॉ. रमन सिंह ने बताया कि शराब घोटाला मामले में एक वर्ष तक जेल में रहने के बाद पूर्व मंत्री कवासी लखमा को 3 फरवरी को उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिली है। इसके बाद उनसे विधानसभा में शामिल होने को लेकर अभिमत (अनुमति) मांगा गया था। 7 फरवरी को कवासी लखमा से इस संबंध में अभिमत प्राप्त हुआ और नियमों के तहत उन्हें सत्र में भाग लेने की अनुमति दी गई है। हालांकि यह अनुमति कुछ सख्त शर्तों के साथ दी गई है।

इन शर्तों पर सत्र में शामिल होंगे कवासी लखमा…

विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कवासी लखमा को निम्न शर्तों का पालन करना होगा उन्हें विधानसभा आने और जाने की पूरी जानकारी विधानसभा सचिव को देनी होगी। वे अपने विधानसभा क्षेत्र या निवास क्षेत्र का दौरा नहीं करेंगे। सत्र के दौरान “नो स्पीच” नियम का कड़ाई से पालन करेंगे। उनकी उपस्थिति केवल सदन की कार्यवाही तक सीमित रहेगी। यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन हुआ, तो उनकी अनुमति तत्काल रद्द कर दी जाएगी।

अपने केस पर चर्चा नहीं कर सकेंगे…

डॉ. रमन सिंह ने बताया कि कवासी लखमा बजट सत्र के अन्य विषयों पर चर्चा में भाग ले सकते हैं, लेकिन अपने खिलाफ चल रहे शराब घोटाले के मामले पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए सदन के अन्य सदस्य भी इस विषय पर चर्चा नहीं करेंगे।

जांच जारी, न्यायालय का अंतिम निर्णय बाकी…

विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह केवल अंतरिम व्यवस्था है। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय द्वारा अंतिम फैसला लिया जाएगा।

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