March 8, 2026

Office Address

123/A, Miranda City Likaoli
Prikano, Dope

Phone Number

+0989 7876 9865 9

+(090) 8765 86543 85

Email Address

info@example.com

example.mail@hum.com

Politics State

धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है सरकार – कांग्रेस

धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है सरकार – कांग्रेस

सरकार की दुर्भावना से सहकारी समिति, बैंक कर्मचारी और उपार्जन केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटर आंदोलित।

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की सरकार को सहकारिता विरोधी, कर्मचारी विरोधी और किसान विरोधी करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार की दुर्भावना और अकर्मण्यता के चलते छत्तीसगढ़ के 2739 उपार्जन केदो में धान खरीदी को लेकर संशय की स्थिति है। समर्थन मूल्य पर खरीब सीजन 2025-26 के उपार्जन शुरू होने में बमुश्किल एक हफ्ते का समय बचा है लेकिन अब तक कोई तैयारी सरकार के स्तर पर नजर नहीं आ रही है, उल्टे छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर पड़ा हुआ है जिला सहकारी बैंक के कर्मचारी भी सरकार की उपेक्षा से व्यथित होकर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे चुके हैं, उपार्जन केंद्रों के कंप्यूटर ऑपरेटरों ने भी सहकारी समितियों के कर्मचारी के हड़ताल को अपना समर्थन दे दिया है, ऐसे में छत्तीसगढ़ के किसान चिंतित हैं कि धान की खरीदी आखिर होगी कैसे?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग को ठगा है पिछले साल भी इन कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था, सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल समाप्त किया, लेकिन यह आदेश केवल कागज का टुकड़ा साबित हुआ, जमीन पर कोई कार्य कर्मचारियों के मांगों के संदर्भ में नहीं हुआ। प्रबंधकीय अनुदान, वेतन और नियमितीकरण, धान के उठाव न होने पर सुखत (शॉर्टेज) क्षतिपूर्ति की राशि, वेतनमान विसंगति, इंक्रीमेंट, पेंशन और भविष्य निधि जैसे अपने मूलभूत अधिकारों के लिए सोसाइटियों के कर्मचारी आंदोलित है, लेकिन यह सरकार अब तक सोई हुई है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सहकारिता विरोधी भाजपा की सरकार में सोसाइटियों और कोऑपरेटिव बैंकों बर्बाद करने का षड़यंत्र रचा गया है। इसीलिए संग्रहण केंद्रों से 72 घंटे के भीतर उठाव के नियम को बदल दिया गया। सरकार कुप्रबंधन के चलते ही सहकारी समितियों को पिछले खरीदी के दौरान 11 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। समय पर उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव नहीं होने और केंद्री पुल में चावल के कम खरीदी के चलते धान खराब होने से सहकारी समितियों को नुकसान हुआ जिसकी भरपाई यह सरकार नहीं कर रही है। समितियों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है इससे वित्तीय असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों को वार्षिक वेतन वृद्धि स्वीकृत करने का आदेश माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दिया है, उसके बावजूद यह सरकार उसे रोक रखी है। विगत 29 अक्टूबर से कर्मचारी आंदोलित हैं लेकिन इस सरकार के कान में जू तक नहीं रेंग रही है। भाजपा सरकार नहीं चाहती कि धान खरीदी तय समय में शुरू हो और किसानों से निर्बाध खरीदी संपन्न हो सके।

Share
Avatar
About Author

hariyarexpressnews