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हरियर एक्सप्रेस, बिलासपुर। मिशन 90 प्लस योजना के तहत जिले के परिणाम को 90 प्रतिशत से अधिक लाने के उद्देश्य से उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन सेजेस महारानी लक्ष्मीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में किया गया। मीडिया प्रभारी मनोज कुमार यादव ने बताया कि जिले के भौतिक भौतिक विषय के 121 व्याख्याता उपस्थित रहे।

कार्यशाला में श्री आर पी आदित्य संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर, श्रीमती अर्चना झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर एवं मिशन 90 प्लस के नोडल श्री जितेंद्र खोबरागड़े उपस्थित रहें।
श्री अमित कुमार खास कलाम प्राध्यापक केंद्रीय गुरु घसीदास विश्वविद्यालय सर ने आज के परिपेक्ष में ए आई से बेहतर हमारे शिक्षक है जो फील्ड में उतरकर बच्चों के बच्चों के बीच लगातार काम करते हैं मेरा मानना है कि शिक्षक से अच्छा एआई नहीं हो सकता है।

श्री आर पी आदित्य सर ने कहा कि शिक्षक को पूरी समर्पण से अपने कार्य क्षेत्र में कार्य करना चाहिए बच्चों के छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर उनकी काउंसलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया साथ ही साथ फिजिक्स विषय को कैसे हम रोचक बना सकते हैं एवं बच्चों के रिजल्ट को कैसे अच्छे बने हैं इन सब के बारे में विस्तृत जानकारी शिक्षकों के बीच एवं अपने अनुभव के साथ उदाहरण के साथ प्रस्तुत किया साथ ही साथ बच्चों को प्रैक्टिकल नॉलेज की भी जानकारी देने पर जोर दिया दिया श्रीमती अर्चना झा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर ने कहा कि आज मैं जो कुछ भी हूं अपने शिक्षकों के बदौलत हूं इसलिए मेरा मानना है कि शिक्षक बच्चों के साथ जुड़कर समाज में बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए शिक्षा का काम सिर्फ पढ़ना नहीं है बच्चों की स्थिति मन स्थिति एवं पारिवारिक परिवेश को भी ध्यान देना चाहिए।

श्रीमती हर्षा देवानी सहायक अध्यापक सकरी कॉलेज ने कहा कि बच्चों के अंदर बहुत पोटेंशियल होता है बस उसको तरसते की जरूरत है और इसके लिए शिक्षक वह माध्यम है जिससे बच्चे अपनी मन की बातें साझा करते हैं।
विषय विशेषज्ञ डॉ भूपेंद्र धर दीवान तिवारी ने विषय पर उन्मुखीकरण व्याख्यान प्रस्तुत किया गया, साथ ही मंच का संचालन भी किया। विषय विशेषज्ञ श्री मनोज कुमार यादव ने ब्लूप्रिंट एवं पाठ्यक्रम पर विस्तृत व्याख्यान के साथ 12वीं में अच्छे अंक प्राप्त करने हेतु मार्ग प्रशस्त किया गया तरीके बताए गए।
श्री राजेश तिवारी ने छात्रों के साथ किस प्रकार से कार्य करना है। उसका लगातार निरीक्षण, परीक्षा, अभ्यास एवं जांच, लेखन शैली में सुधार आदि का निराकरण कर उसे बताया।

कार्यशाला के अंत में आभार प्रदर्शन श्री आलम सर द्वारा किया गया साथ ही साथ उन्होंने अपने जीवन के अनुभव को शिक्षकों के साथ साझा किया और भौतिकी विषय की छोटी-छोटी बारीक के बारे में बताया।



