June 6, 2026

Office Address

123/A, Miranda City Likaoli
Prikano, Dope

Phone Number

+0989 7876 9865 9

+(090) 8765 86543 85

Email Address

info@example.com

example.mail@hum.com

Politics State

सांसद और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडे जीएसटी संशोधन को लेकर भ्रम फैल रहे…

सांसद और भाजपा के मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडे जीएसटी संशोधन को लेकर भ्रम फैल रहे…

जीएसटी अप्रत्यक्ष कर है जो वस्तु और सेवाओं पर तय स्लैब अनुसार सभी से समान दर से वसूला जाता है, फिर सांसद संतोष पांडे का दावा अज्ञानता है या झूठ?

खाद की अनुपलब्धता, यात्री ट्रेनों को अचानक रद्द करने और हैदराबाद एक्सप्रेस-वे योजना निरस्त करने पर जवाब दे भाजपा सांसद।

हरियर एक्सप्रेस, रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडे के द्वारा जीएसटी संशोधन को लेकर किए गए दावे पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जीएसटी अप्रत्यक्ष कर है जो वस्तु और सेवाओं पर तय स्लैब के अनुसार अमीर-गरीब सभी से समान दर से वसूला जाता है, भाजपा के प्रेस वार्ता में जीएसटी रिफॉर्म को लेकर दावा किया गया है कि मिडिल क्लास के लिए 5 प्रतिशत और बाकी बड़े क्लास के लिए 18 प्रतिशत स्लैब तय किया जा रहा है, यह गरीबों के लिए एक तोहफा है इससे निम्न वर्गीय और मध्यम वर्गीय लोगों को लाभ होगा जबकि हक़ीक़त यह है कि वस्तु और सेवा पर हर व्यक्ति से समान दर से जीएसटी वसूला जाता है, फिर सांसद संतोष पांडे का दावा अज्ञानता है या झूठ?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि त्रुटिपूर्ण, अव्यावहारिक जीएसटी की प्रक्रियागत कमियों और जन विरोधी प्रावधानों को समझने में भाजपा नेताओं को 7 साल लग गए। विगत सात वर्षों से जीएसटी के नाम पर आम जनता को लुटने और भयादोहन के बाद आज भाजपाइयों को महसूस हो रहा है कि 28 प्रतिशत का स्लैब अनुचित है? जब भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और लगातार दो बार के लोकसभा सांसद संतोष पांडे ही जीएसटी को नहीं समझ पाए फिर आम भाजपाइयों से कैसे उम्मीद कर सकते हैं?

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा के तमाम नेता दलीय चाटुकारिता में गलत बयान करते हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि वर्तमान में जीएसटी के चार स्लैब हैं जिनको घटकर दो किया जा रहा है जिसमें से 5 परसेंट गरीबों के लिए लगेगा और 18 परसेंट अमीरों के लिए, यह दावा मूलतः गलत है। वर्तमान में जीएसटी के सात अलग-अलग स्लैब हैं। जीरो रेटेड, नील रेटेड, सोने चांदी और आभूषणों पर 3 प्रतिशत का स्लैब, दैनिक उपभोग की ज्यादातर वस्तुओं पर 5 प्रतिशत और स्लैब 12 प्रतिशत का स्लैब, 18 परसेंट का स्लैब और सीमेंट ऑटोमोबाइल और स्पेयर पार्ट्स पर 28 परसेंट का स्लैब। केंद्र का प्रस्ताव इनमें से 12 और 28 प्रतिशत वाले स्लैब को 5 और 18 में समायोजित करने का है, जिसकी गलत व्याख्या करके झूठ बोला जा रहा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि 2017 में जब बिना तैयारी के, अव्यावहारिक जीएसटी देश पर थोपा गया, कांग्रेस तब से विरोध कर रही है, हमने तब भी कहा था कि 28 प्रतिशत का जीएसटी का स्लैब दुनियां में कहीं नहीं है, यह आम जनता के साथ अत्याचार है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला कानून है जिसमें लागू होने के पहले 5 साल के भीतर ही 900 से ज्यादा संशोधन करने पड़े फिर भी समस्याएं यथावत बनी हुई हैं। सांसद संतोष पांडे ने आयकर अधिनियम 1961 के संदर्भ में भी गलत बयानी की। कल ही लोकसभा का सत्र खत्म हुआ है, सांसद संतोष पांडे को बताना चाहिए कि छत्तीसगढ़ के किसानों को उनके आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, सदन में आप मौन क्यों रहे? छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले सैकड़ो यात्री ट्रेनों को क्यों निरस्त किया जा रहा है? रायपुर से राजनांदगांव होकर हैदराबाद जाने वाले एक्सप्रेस-वे, जिसके नाम पर 2024 के लोकसभा चुनाव में राजनांदगांव की जनता से संतोष पांडे ने वोट मांगे, उसे केंद्र की मोदी सरकार ने क्यों निरस्त कर दिया?

Share
Avatar
About Author

hariyarexpressnews

error: Content is protected !!