सुशासन तिहार मे प्रदेश भर के स्कूल सफाई कर्मचारियों ने लिया भाग कहा पूर्णकालीन कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान करें सरकार…
10 जून 2025 तक मांगे पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए होंगे बाध्य।

नवेद खान, रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पिछले 15 वर्षों से 43301 स्कूल सफाई कर्मचारी, स्कूलों में साफ सफाई कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। स्कूलों में 2 घंटे काम के एवज में केवल प्रतिमाह 3000 से 3400 प्रतिमाह मानदेय भुगतान किया जाता है। संघ के द्वारा पूर्णकालिक कलेक्टर दर की मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत है।
स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ के मीडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा का कहना है कि आदिम जाति कल्याण विभाग के आश्रम, छात्रावास, स्कूलों में अंशकालिन सफाई कर्मचारी, स्वीपर, पानी वाला, रसोईया आदि पद पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को 3 वर्ष से 5 वर्ष कार्य पूरा कर चुके कर्मचारियों को कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान किया जा रहा है अथवा भृत्य के पदों में समायोजित भी किया गया है। इन्हीं नियम के आधार पर अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी को भी पूर्ण कालीन कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान करते हुए भृत्य के पदों में समायोजित किया जाए।
वहीं संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष खांडेकर का पूर्व कांग्रेस सरकार ने कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान करने का आश्वासन दिया था जिसे पूरा नहीं किया। अथवा भारतीय जनता पार्टी के मुखिया विष्णु देव साय जी ने संघ की मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया था जो की 18 माह व्यतीत हो जाने के बाद भी मांगे पूरी नहीं हुई है।कर्मचारियों को बिना नोटिस, सूचना दिए काम से निकाल दिया जा रहा है कर्मचारियों की उम्र अधिक हो जाने के कारण अन्य जगह काम नहीं मिल पा रहे हैं जिसके कारण बेरोजगार हो जा रहे हैं और दर-दर की ठोकर खाना पड़ रहा है इन सभी परिस्थितियों संगठन के सदस्यों में आक्रोश व्याप्त है।
10 जून 2025 तक मांगे पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल मे जान को बाध्य होंगे।
संघ की मांग- अंशकालीन को पूर्ण कालीन कलेक्टर पर वेतन भुगतान किया जाए।



